दफ़न डेड बॉडी ने खोले कई चौकाने वाले राज

दफ़न डेड बॉडी ने खोले कई चौकाने वाले राज

कांडा के एक गांव में खुदकुशी की बात प्रचारित करके दफनाई गई गर्भवती किशोरी का क़त्ल उसके ही पिता ने किया था। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात कि पुष्टि हुई है कि किशोरी 16 हफ्ते से का गर्भवती थी। क्रिमिनल ने अपना जुर्म मान किया है व पुलिस ने उसे अरैस्ट कर लिया है। वहीं पुलिस अब भी इस बात की जाँच कर रही है कि किशोरी के गर्भ में किसका बच्चा था। जंहा इस बात को जानने के लिए पुलिस अब कुछ लोगों के DNA सैंपल लेना प्रारम्भ करेगी। वहीं क्रिमिनल को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार एसपी रचिता जुयाल ने सज्ञान में मामले के आने पर उसकी जाँच प्रारंभ करवा दी। जंहा 9 जुलाई को किशोरी की मां ने कांडा थाने में कुछ अनजान लोगों के खिलाफ उसकी नाबालिग बेटी से बलात्कार कर उसे खुदकुशी के लिए उत्साहित करने को लेकर बयान दिया व मुद्दा दर्ज करवाया, जिसके आधार पर थाना कांडा में IPS की धारा 376/306 व 5 (एल)/6 पॉक्सो एक्ट में मुद्दा दर्ज किया गया।

डीएम की अनुमति से दफनाए गए मृत शरीर को निकाला गया: एसपी रचिता जुयाल के आदेश पर सीओ कपकोट संगीता व थानाध्यक्ष कांडा प्रह्लाद सिंह 9 जुलाई को पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर जा कर व डीएम की अनुमति से दफनाए गए मृत शरीर को वापस से जाँच के लिए बाहर निकला। जिला मोबाइल फोरेंसिक यूनिट अल्मोड़ा ने मौके से सबूत जुटाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आया है कि किशोरी की मर्डर गला घोंटकर की गई है, पुलिस ने किशोरी के परिजनों व पड़ोसियों से जाँच पड़ताल प्रारम्भ कर दी। जिसके उपरान्त पिता की बातों पर शक होने पर पुलिस ने सख्ती की तो उसने लोकलाज के डर से आवेश में आकर गला दबा कर बेटी का क़त्ल करने की बात मान ली।

इस मुद्दे में पुलिस ने मर्डर की धारा 302 व सबूतों को छुपाने व गलत जानकारी देने की धारा 201 के तहत सजा को बढ़ा दिया गया। जिसके पहले पुलिस टीम ने क्रिमिनल पिता को शनिवार को जेठाई-बागेश्वर रोड के गंगनाथ मंदिर के पास से गिरफ्तार किया था। हिरासत में लेने वाली पुलिस टीम में सीओ संगीता, थानाध्यक्ष कांडा प्रहलाद सिंह, कांस्टेबल अशोक कुमार, अशोक कुमार द्वितीय, भुवन प्रसाद शामिल थे।