फर्जी आईडी पर सिम खरीद कर फर्जी कॉल सेंटर व ठगों को बेचने वाला गैंग पकड़ा

फर्जी आईडी पर सिम खरीद कर फर्जी कॉल सेंटर व ठगों को बेचने वाला गैंग पकड़ा

दिल्ली में कथित तौर पर फर्जी आईडी पर सिम कार्ड खरीदने व इन्हें अनधिकृत कॉल सेंटर, स्पैमर्स तथा साइबर क्राइम में शामिल लोगों को बेचने के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों की पहचान असम निवासी उस्मान गोनी (26), वीरेंद्र सिंह (24), निशांत बंसल (24), गगन चोपड़ा (22) व प्रतीक शर्मा (21) के रूप में हुई है, ये सभी दिल्ली के निवासी हैं.

एक वरिष्ठ पुलिस ऑफिसर ने बताया कि ऐसे सिम कार्ड रखने वाले एक शख्स के बारे में पता चलने के बाद पांच अगस्त को दोपहर करीब 1.30 बजे पुलिस ने छापेमारी की व पीतमपुरा में आयकर कॉलोनी के पास से वीरेंद्र सिंह को अरैस्ट कर लिया. उसके कब्जे से कुल 710 सिम कार्ड बरामद किए गए.

वीरेंद्र सिंह ने खुलासा किया कि वह हरियाणा के फतेहाबाद में मोबाइल की एक दुकान पर कार्य करता था व अपने साथियों के साथ पिछले एक वर्ष से दिल्ली में फर्जी आईडी पर खरीदे गए सिम कार्ड बेचे हैं. वह अपने एक साथी गोनी की सहायता से कोरियर के जरिये असम से फर्जी आईडी पर लाए गए पहले से चालू सिम कार्ड को खरीदता था.

अधिकारी ने बताया कि वह इन्हें दोगुनी कीमतों पर दिल्ली व हरियाणा में प्रतीक व गगन के माध्यम से अनधिकृत कॉल सेंटर, स्पैमर व साइबर क्राइम धोखाधड़ी में शामिल लोगों को कार्ड बेचते थे. पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र ने लगभग 50,000 ऐसे सिम कार्ड बेचे हैं. 

पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिम) विजयंता आर्य ने बोला कि उसके खुलासे के आधार पर निशांत बंसल, प्रतीक व गगन को अरैस्ट कर लिया गया. इसके बाद, पुलिस ने असम से सिम सप्लायर गोनी को अरैस्ट किया.