बुजुर्ग को पोते ने फावड़ा मारकर उतारा मौत के घाट

बुजुर्ग को पोते ने फावड़ा मारकर उतारा मौत के घाट

उन्नाव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, घर के बाहर लेटे बाबा को चचेरे पोते ने फावड़े से काटकर मर्डर कर दी. चीख पुकार सुन परिवारीजन जब तक दौड़े तब तक आरोपी पोता बाबा को फावड़े से काटने के बाद भाग निकला.

सूत्रों के अनुसार पोते बाबा से जमीन अपने नाम करवाने के लिए आए दिन कहासुनी किया करता था, वहीं घटना की सूचना पर पुरवा पुलिस, सीओ पुरवा, एसपी दिनेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे. एसपी ने मौके का जायजा लिया और परिजनों से जानकारी ली. वहीं पुलिस ने मौके से मृतक के मृत शरीर को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

पुलिस ने मौके से आलाकत्ल बरामद कर लिया है. एसपी दिनेश त्रिपाठी ने देर रात मौके के निरीक्षण के बाद बात करते हुए बताया कि बुजुर्ग की उसके भाई के बेटे के बेटे ने फावड़ा मारकर मर्डर कर दी है, इस सम्बंध में विधिक कार्रवाई की जा रही है आरोपी को अरैस्ट कर लिया गया है.

उन्नाव के पुरवा कोतवाली क्षेत्र के चन्दीगढ़ी के रहने वाले अन्नन्तु (70) देर रात घर के बाहर लेटे थे, इसी दौरान चचेरा पोता उमेश यादव घर आया. बताया जा रहा है कि उमेश ने बाहर रखे फावड़े से लेटे बुजुर्ग बाबा की गर्दन पर कई वार करके काट कर उन्हें मृत्यु के घाट उतार दिया. बुजुर्ग की चीख सुन कर घर में उपस्थित आरोपी उमेश की माँ सूरज देई बाहर दौड़ी.

खून से लथपथ देख उनके होश उड़ गए. बुजुर्ग को तड़पता देख स्त्री चिल्लाने लगी, वहीं इतने में मौका पाकर आरोपी बेटा उमेश भाग निकला. सूत्रों की मानें तो पोते की निगाह बाबा की जमीन पर थी, जिसके लिए पोते का चचेरे बाबा से कई बार टकराव हो चुका है, वहीं चीख-पुकार की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. घटना की सूचना लोगों ने पुरवा पुलिस को दी. घटना की जानकारी के बाद पुरवा पुलिस, सीओ पुरवा मौके पर पहुंचे और मौके का जायजा ले परिजनों से पूछताछ की.

मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने बुजुर्ग के मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. वही पुलिस ने आला कत्ल मौके से बरामद कर लिया है. वहीं मर्डर की सूचना पर देर रात एसपी दिनेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे. एसपी दिनेश त्रिपाठी ने मौके का निरीक्षण किया. एसपी ने घटना को लेकर परिजनों से जानकारी भी की. घटना के बाद घर में उपस्थित आरोपी उमेश यादव की मां सूरज देई ने बोला कि वह पिछले कई माह से रोज कह रहा था कि पूरे घर के लोगों को फावड़े से काट डालेंगे, आज देर रात अचानक नशे की हालत में आया और चचेरे बाबा को मृत्यु के घाट उतार दिया.

02 वहीं एसपी दिनेश त्रिपाठी ने मौके का निरीक्षण किया और परिजनों से मुद्दे कि जानकारी कर तफ्तीश की. जिसके बाद एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि पुरवा के चंडीगढ़ी में एक 70 साल के बुजुर्ग की उसके भाई के बेटे के बेटे ने फ़ावड़ा मारकर मर्डर कर दी है, इस संबंध में विधिक कार्रवाई की जा रही है. एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि अभियुक्त को अरैस्ट कर लिया गया है.


अब दवाओं के साइड इफेक्ट को भी बतायेगा IIT कानपुर

अब दवाओं के साइड इफेक्ट को भी बतायेगा IIT कानपुर

हम लोग जो दवाइयां खाते है उनका शरीर, कोशिकाओं और अन्य हिस्सों में क्या असर होता है यह जानने के लिए अब हमें अन्य राष्ट्रों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. अब यह सुविधा आईआईटी कानपुर में जल्द प्रारम्भ होने जा रही है. इस संस्थान ने राष्ट्र का सबसे बड़ा माइक्रोस्कोप आ गया है. इसे साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड के 30 करोड़ रुपये के योगदान से नीदरलैंड से मंगवाया गया है. यह स्कोप इतना बड़ा है कि इसके लिए नयी बिल्डिंग बनवाने की तैयारी भी पूरी की जा चुकी है. अभी माइक्रोस्कोप को संस्थान की हवाई पट्टी के पास एडवांस इमर्जिंग सेंटर में रखवाया गया है. यह माइक्रोस्कोप क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप कहता है, जिसके माध्यम से प्रोटीन की सिग्नलिंग कराई जा सकती है.

दवाइयां बनाने की प्रोसेस होगी आसान
किडनी, लिवर, दिमाग, फेफड़े, दिल आदि में परेशानी होने पर प्रोटीन की सिग्नलिंग प्रभावित हो जाती है. कई बार इसकी रफ्तार काफी तेज हो सकती है. जानकारों के अनुसार कोशिकाओं के अंदर एक प्रोटीन से दूसरे प्रोटीन को संदेश देना या रासायनिक बदलाव कराने से परफेक्ट दवाएं बनाई जा सकेगी. ऐसे दवाइयां बनाने की प्रोसेस राष्ट्र में काफी आसान हो सकेगी.

10 हजार किलो वजन है
स्कोप आईआईटी के बायोलॉजिकल साइंस एंड बायो इंजीनियरिंग के प्रो अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि, क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप में (-180) डिग्री सेल्सियस तक का तापमान रखने की सुविधा है. इसका वजन करीब 10 हजार किलो है. अभी पैकिंग खोली नहीं गई है. इसके लिए नयी बिल्डिंग बनाई जा रही है, जिसमें जब यह स्कोप चले तो वाइब्रेशन एकदम भी न हो.

देश भर के संस्थान ले सकेंगे सहयोग
स्टार्टअप इनोवेशन इंक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज प्रो अमिताभ बंद्योपाध्याय ने बताया कि, संस्थान में सुविधा मिलने के बाद नया सेंटर खोलने की प्लानिंग है, जिसका लाभ राष्ट्र भर के संस्थान ले सकेंगे. क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की सुविधा उन्हें मिल सकेगी. नयी दवाएं खोजने में काफी सरलता होगी. यह काफी सस्ती होंगी. अभी ज्यादातर फार्मूले विदेशी कंपनियों के हैं, उन्होंने उसका पेटेंट करा रखा है