अयोध्या आने वाली सीमाएं की गई सील, देशभर से बुलाए गए विद्वान आचार्य 

अयोध्या आने वाली सीमाएं की गई सील, देशभर से बुलाए गए विद्वान आचार्य 

अयोध्या में राम मंदिर धरती पूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का  इंतजार है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है. राम नगरी में आने वाली सीमाएं सील कर दी गई है. बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. मंदिर शिलान्यास से पहले अयोध्या सज धज कर तैयार किया गया है. यहां मंगलवार को दीपोत्सव मनाया गया. अब धरती पूजन के बाद दूसरे दिन भी शाम को पूरी अयोध्या में दीपावली मनाई जाएगी. 

देशभर से बुलाए गए विद्वान आचार्य 

भूमि पूजन के मुख्य आचार्य काशी के विद्वान पंडित जयप्रकाश उपाध्याय हैं. उनके सहयोगी काशी के अरुण दीक्षित, कांची मठ के सेनापति शास्त्री, सुब्रमण्यम व मणिजी के अतिरिक्त अयोध्या के पंडित इंद्रदेव मिश्र और दिल्ली के चंद्रभानु शर्मा होंगे. पूजन में देशभर के कई स्थानों से बुलाए गए कुल 22 आचार्य शामिल होंगे. यह सभी रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष महंत र्गोंवद देव गिरि के निर्देशन में अनुष्ठान करा रहे हैं.

पीएम को भेंट की जाएगी कोदंड राम की प्रतिमा

अयोध्या में धरती पूजन प्रोग्राम के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी को प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग की ओर से कोदंड राम की काष्ठ प्रतिमा भेंट किए जाने की तैयारी है. इस प्रतिमा को बंगलुरु के रामामूर्ति ने बनाया है. उन्हें कोदंड राम काष्ठ प्रतिमा बनाने के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है.
अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डा। वाई। पी। सिंह ने बताया कि पिनाक धनुष शिवजी का है, जिसे सीता शादी में रामजी ने तोड़ा था, उस मौका पर परशुराम ने श्रीराम को कोदंड धनुष्ठ पर प्रत्यंचा चढ़ाने को दिया था. यह कोदंड धनुष विष्णु जी ने परशुराम को दिया था. भगवान राम द्वारा कोदंडकी प्रत्यंचा चढ़ान से ही परशुराम पहचान गये कि राम जी ही विष्णु के अवतार हैं. डा। सिंह के अनुसार दक्षिण हिंदुस्तान में 100 से अधिक विशाल कोदंड राम मंदिर हैं. कड़प्पा, चिकमंगलूर और भ्रदाचलम में भव्य और दिव्य कोदंड राम मंदिर हैं.