UP School Reopening: क्या एक जुलाई से खुलेंगे स्कूल ?

UP School Reopening: क्या एक जुलाई से खुलेंगे स्कूल ?

नई दिल्ली। देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर निर्बल पड़ने के साथ अधिकतर राज्यों में लॉकडाउन हटाने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। ऐसे में विद्यार्थी और अभिभावक जानना चाहते हैं कि स्कूल-कॉलेज कब से खुलेंगे। यूपी में पहली से आठवीं तक के स्कूल एक जुलाई से खुल जाएंगे। हालांकि कक्षाएं अभी औनलाइन ही चलेंगी। आदेश के अनुसार, इस दौरान स्कूलों में सौ फीसदी बच्चों का विद्यालयों में नामांकन, मिड डे मील, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण, ऑपरेशन कायाकल्प की गतिविधियों, मिशन प्रेरणा के भीतर ई पाठशाला का संचालन और जिला प्रशासन और एजुकेशन विभाग द्वारा अन्य जरूरी कार्यों एवं दायित्वों का संचालन किया जाएगा। साथ ही मान्यता प्राप्त अन्य विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए विद्यालय प्रबंध समिति फैसला लेगी। आइए देखते हैं कि अन्य राज्यों में क्या स्थिति है।
दिल्ली
यूपी की तरह दिल्ली में भी औनलाइन कक्षाएं ही चलेंगी। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वैसे सभी शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों के लिए बंद ही रखे जाएंगे। कोविड-19 की आगमी लहर को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार का अधिक फोकस औनलाइन क्लासेज की तरफ ही है। दिल्ली में जनवरी में 10वीं और 12वीं की ऑफलाइन कक्षाएं कुछ समय के लिए प्रारम्भ हुई थीं। जबकि नौवीं और 11वीं की कक्षाएं फरवरी में खोली गई थीं। लेकिन कोविड-19 की नयी लहर के कारण वापस बंद करना पड़ा।
बिहार
कोविड-19 संक्रमण की स्थिति काबू में रही तो बिहार में स्कूल अगले महीने यानी जुलाई में खुल सकते हैं। बिहार के एजुकेशन मंत्री विजय कुमार चौधरी का बोलना है कि कोविड-19 संक्रमण निर्बल पड़ता गया तो प्रदेश सरकार और एजुकेशन विभाग, दोनों चाहते हैं कि स्कूल-कॉलेज खोले जाएं। प्रदेश में स्कूल-कॉलेज पांच अप्रैल से ही बंद हैं। पहले उच्च शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे और फिर स्कूल और आखिर में प्राथमिक विद्यालय।
हरियाणा
हरियाणा के स्कूलों में वैसे 30 जून तक गर्मी की छुट्‌टियां हैं। हालांकि बच्चों की औनलाइन पढ़ाई 16 जून से प्रारम्भ हो जाएगी। प्रदेश के एजुकेशन मंत्री कंवर पाल का बोलना है कि सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने वाली है। वैसे एजुकेशन विभाग की ओर से बच्चों की औनलाइन क्लासेज की समय सारणी जारी कर दी गई है।


मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर निर्बल पड़ने के साथ ही निजी स्कूलों ने एडमिशन की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में पहली से 12वीं तक के स्कूल जल्द खोले जा सकते हैं। हालांकि स्कूल एजुकेशन मंत्री इंदर सिंह परमार ने बोला है कि स्कूल खुलने को लेकर स्थति अभी स्पष्ट नहीं है। इस विषय में बाद में निर्णय लिया जाएगा।


गोरखपुर में साकार होगा अपनेे मकान का सपना, जीडीए कम करने जा रहा है अपनी संपत्तियों का मूल्य

गोरखपुर में साकार होगा अपनेे मकान का सपना, जीडीए कम करने जा रहा है अपनी संपत्तियों का मूल्य

संपत्तियों के न बिकने के चलते गोरखुपर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के किस्तों पर लगने वाले ब्याज को घटाने का निर्णय लिया है। आवासीय संपत्ति पर अबतक 11 फीसद ब्याज लगता था। विलंब होने की स्थिति में ब्याज दर 15 फीसद हो जाती थी लेकिन अब केवल नौ फीसद ब्याज ही लगेगा।

इसी तरह व्यावसायिक संपत्तियों पर लगने वाला 18 फीसद ब्याज घटाकर 11 फीसद कर दिया गया है। इससे जीडीए की संपत्तियां कुछ सस्ती हो सकेंगी। हालांकि ये नई दरें फिलहाल अगले दो साल के लिए ही लागू रहेंगी, उसके बाद दोबारा इसपर विचार होगा।

आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की किस्तों पर लगने वाले ब्याज दर में की गई कटौती

कई बार आवेदन आमंत्रित करने के बाद भी जीडीए की कुछ संपत्तियां नहीं बिक पा रही हैं। समीक्षा में यह बात सामने आई कि किस्तों पर ब्याज की दरें कुछ अधिक हैं। इस मामले को हाल ही में संपन्न जीडीए बोर्ड की बैठक में भी रखा गया था। बोर्ड ने ब्याज दर कम करने पर सहमति जता दी थी। जीडीए के सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि नई दरें सात जुलाई से अगले दो साल के लिए लागू की गई हैं।


नौका संचालकों का कोरोना काल का किराया माफ

रामगढ़ ताल क्षेत्र में पर्यटकों के लिए नाव का संचालन करने वालों का कोरोना कालखंड का किराया माफ करने का निर्णय लिया गया है। संचालकों की ओर से दिए गए आवेदन के बाद जीडीए के अधिकारियों ने यह फैसला लिया है। संचालकों ने कोरोना काल में कमाई बंद होने का हवाला दिया था।

यह मामला भी जीडीए बोर्ड की बैठक में रखा गया था, जिसपर बोर्ड ने वित्त अधिकारी को आकलन करने को कहा था। आकलन के बाद किराया माफ करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के बाद स्की बोट व स्पीड बोट संचालकों का 60-60 हजार तथा रेस्टोरेंट संचालक कर करीब एक लाख 75 हजार रुपये किराया माफ किया गया है।