हाईकोर्ट ने खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षा रोकने की याचिका की खारिज

हाईकोर्ट ने खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षा रोकने की याचिका की खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खंड शिक्षा अधिकारी भर्ती प्रारंभिक परीक्षा स्थगित कराने की मांग में दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा के खिलाफ किसी प्रतियोगी छात्र को कोर्ट आना चाहिए। याची संगठन को जनहित याचिका में परीक्षा आयोजित करने को चुनौती देने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। 

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति और अन्य की जनहित याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति वीके बिड़ला की खंडपीठ ने की। याचिका में कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर संक्रमण फैलने की आशंका से परीक्षा स्थगित करने की मांग की गई थी।
16 अगस्त को प्रदेश के 22 जिलों में उप्र लोक सेवा आयोग प्रतियोगी परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। परीक्षा में पांच लाख 15 हजार अभ्यर्थियों के हिस्सा लेने की संभावना है। भारी संख्या में केंद्र पर आने वाले प्रतियोगी छात्र-छात्राओं में संक्रमण का खतरा है। कोर्ट ने तकनीकी खामियों के चलते हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया।