जुमे को देखते हुए पुलिस रहेगी दुगनी एलर्ट

जुमे को देखते हुए पुलिस रहेगी दुगनी एलर्ट

अग्निपथ के विरोध में अलीगढ़ में हुए अग्निकांड के भी एक हफ्ते पूरे हो चुके हैं. बीते शुक्रवार को ही टप्पल जट्‌टारी में उग्र भीड़ ने जमकर उत्पाद मचाया था और बसों और सरकारी वाहनों में जमकर आगजनी की थी. जिसके चलते अलीगढ़ में आज हाई एलर्ट रहेगा.

टप्पल काण्ड के जहां एक हफ्ते पूरे हो चुके हैं, वहीं शुक्रवार को जुमे की नमाज भी अदा की जाएगी. जिसके चलते पुलिस प्रशासन डबल एलर्ट है और ऑफिसरों की सेक्टर वाइज ड्यूटियां लगा दी गई हैं. सभी को कठोर निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र में नजर बनाकर रखें और जरा भी ढिलाई एकदम न करें.

चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर पुलिस की नजर

अलीगढ़ में सांप्रदायिक माहौल तो अभी तक शांतिपूर्ण बना हुआ है और जिले में किसी तरह की कोई आशांति पैदा नहीं हुई है. इसके लिए पुलिस प्रशासन लगातार धर्म गुरुओं की बैठक करके उनसे जिले में शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है. इसके साथ ही घर घर जाकर लोगों से वार्ता भी की जा रही है.

लेकिन अग्निपथ के विरोध में बीते शुक्रवार को युवा गुस्साए हो गए थे. उन्होंने न केवल सरकारी वाहनों को फूंका था, बल्कि पुलिस चौकियों और उनके वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था. एडीजी आगरा जोन की गाड़ी पर भी उन्होंने पत्थर बरसाए थे. जिसके बाद लगातार अधिकारी हर एक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं.

टप्पल में ऑफिसरों की जोनल और सेक्टर प्रबंध के अनुसार ड्यूटी लगाई जा रही है.

जोन और सेक्टर प्रबंध में बांटी जिम्मेदारी

टप्पल काण्ड की संवेदनशीलता और जुमे की नमाज को देखते हुए ऑफिसरों और पुलिस को कई टीमों में बांटा गया है. टप्पल को 4 जोन और 10 सेक्टर में बांटा गया था और टीमें यहां पर नजर रख रही हैं. इसके लिए एसएसपी ने 10 टीमें नियुक्त की थी, जो सारे मुद्दे की जांच कर रही हैं.

वहीं जिले के सबसे संवेदनशील ऊपरकोट क्षेत्र में भी स्पेशल टीमें तैनात की गई हैं. शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा, जिससे कि अराजक तत्व किसी तरह की गड़बड़ी न कर सकें. इसके लिए पुलिस मौजिज लोगों से मिलकर लगातार शांति की अपील कर रही है.

एसपी सिटी कुलदीप गुनावत ने शहर के संवेदनशील इलाकों में रात में की पैदल गश्त

देर रात तक ऑफिसरों ने किया पैदल गश्त

जुमे को देखते हुए अलीगढ़ में अधिकारी गुरुवार से ही एलर्ट हो गए. स्थान जगह शांति समितियों की बैठक की गई और ऑफिसरों ने पैदल गश्त करके क्षेत्र का जायजा लिया. दिन में पुलिस लोगों के घरों में भी पहुंची और उनसे वार्ता की.

टप्पल में दिन में भी अधिकारी एलर्ट रहे और लगातार गश्त करते रहे. जिसके बाद देर रात तक पुलिस अधिकारी लोगों से मिलते जुलते रहे और शांति की अपील की. देर रात से ही स्थान जगह फोर्स मुस्तैद कर दी गई और अराजक तत्वों को पूरी कठोरता के साथ शांति बनाए रखने की हिदायत दी गई.

टप्पल में पिछले शुक्रवार हालात बिगड़ने पर कमिश्नर और डीआईजी भी पहुंचे थे.

भड़काऊ पोस्ट की तो लगेगी NSA

संवेदनशील इलाकों में नजर रखने के साथ ही पुलिस सोशल मीडिया पर भी बराबर नजर बनाए हुए है. सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयानबाजी करने, इस तरह की पोस्ट शेयर करने, विरोध जनक सामग्री डालने पर तुरन्त कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों पर धारा 505/153A/295A /298 के अनुसार केस दर्ज किया जाएगा और NSA तक की कार्यवाही की जा सकती है.

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि आमजनों और शहर के गणमान्य लोगों से संपर्क करके शांति प्रबंध बनाए रखने की जा रही है. इसके साथ ही उन्हें प्रेरित किया जा रहा है कि यदि कोई आदमी विरोध जनक हरकत करता है तो इसकी जानकारी तुरन्त पुलिस को दें. जिससे तुरंत कार्रवाई की जा सके. उन्होंने बताया कि यदि किसी ने गड़बड़ी करने की प्रयास की तो उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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अब दवाओं के साइड इफेक्ट को भी बतायेगा IIT कानपुर

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हम लोग जो दवाइयां खाते है उनका शरीर, कोशिकाओं और अन्य हिस्सों में क्या असर होता है यह जानने के लिए अब हमें अन्य राष्ट्रों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. अब यह सुविधा आईआईटी कानपुर में जल्द प्रारम्भ होने जा रही है. इस संस्थान ने राष्ट्र का सबसे बड़ा माइक्रोस्कोप आ गया है. इसे साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड के 30 करोड़ रुपये के योगदान से नीदरलैंड से मंगवाया गया है. यह स्कोप इतना बड़ा है कि इसके लिए नयी बिल्डिंग बनवाने की तैयारी भी पूरी की जा चुकी है. अभी माइक्रोस्कोप को संस्थान की हवाई पट्टी के पास एडवांस इमर्जिंग सेंटर में रखवाया गया है. यह माइक्रोस्कोप क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप कहता है, जिसके माध्यम से प्रोटीन की सिग्नलिंग कराई जा सकती है.

दवाइयां बनाने की प्रोसेस होगी आसान
किडनी, लिवर, दिमाग, फेफड़े, दिल आदि में परेशानी होने पर प्रोटीन की सिग्नलिंग प्रभावित हो जाती है. कई बार इसकी रफ्तार काफी तेज हो सकती है. जानकारों के अनुसार कोशिकाओं के अंदर एक प्रोटीन से दूसरे प्रोटीन को संदेश देना या रासायनिक बदलाव कराने से परफेक्ट दवाएं बनाई जा सकेगी. ऐसे दवाइयां बनाने की प्रोसेस राष्ट्र में काफी आसान हो सकेगी.

10 हजार किलो वजन है
स्कोप आईआईटी के बायोलॉजिकल साइंस एंड बायो इंजीनियरिंग के प्रो अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि, क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप में (-180) डिग्री सेल्सियस तक का तापमान रखने की सुविधा है. इसका वजन करीब 10 हजार किलो है. अभी पैकिंग खोली नहीं गई है. इसके लिए नयी बिल्डिंग बनाई जा रही है, जिसमें जब यह स्कोप चले तो वाइब्रेशन एकदम भी न हो.

देश भर के संस्थान ले सकेंगे सहयोग
स्टार्टअप इनोवेशन इंक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज प्रो अमिताभ बंद्योपाध्याय ने बताया कि, संस्थान में सुविधा मिलने के बाद नया सेंटर खोलने की प्लानिंग है, जिसका लाभ राष्ट्र भर के संस्थान ले सकेंगे. क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की सुविधा उन्हें मिल सकेगी. नयी दवाएं खोजने में काफी सरलता होगी. यह काफी सस्ती होंगी. अभी ज्यादातर फार्मूले विदेशी कंपनियों के हैं, उन्होंने उसका पेटेंट करा रखा है