मॉनसून का आनंद उठाने के लिए यह जगह है बेस्ट, पढ़े इनके सफर से लेकर रहने तक की जानकारी

 मॉनसून का आनंद उठाने के लिए यह जगह है बेस्ट, पढ़े इनके सफर से लेकर रहने तक की जानकारी

'तपिश व बढ़ गई इन चंद बूंदों के बादकाले स्याह बादल ने भी बस यूं ही बहलाया मुझे', किसी शायर की लिखी यह पंक्तियां वैसे दिल्लीवासियों का बखूबी हाले बयां कर रही हैं। दिल्ली में मॉनसून का आना ऊंट के मुंह में जीरा डालने जैसा था।

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वहीं दूसरी तरफ मुंबई जैसे प्रदेश हैं जहां बारिश थमने का नाम ही नहीं ले रही। ऐसे में दिल्ली के लोगों को अब मॉनसून का इंतजार छोड़कर जल्द से जल्द कुछ दिनों की छुट्टी लेकर इन पर्यटन स्थलों के लिए निकल जाना चाहिए। आज हम जिन 3 पर्यटन स्थलों की बात कर रहे हैं वो मॉनसून का आनंद उठाने के लिए बेस्ट जगहे हैं।


वर्ष भर यहां टूरिस्टों का आना जाना लगा रहता है, लेकिन इन जगहों की खूबसूरती मानसून में दस गुणा बढ़ जाती है। चिलचिलाती धूप, गर्मी व प्रदूषण के बीच मॉनसून के महीने में यहां आकर आप खुद को प्रकृति के बहुत ज्यादा समीप महसूस करते हैं।

कौसानी

जिस स्थान को महात्मा गांधी ने 'भारत का स्वीट्जरलैंड' की उपमा दी हो, वह स्थान सामने से कितनी खूबसूरत होगी! उत्तराखंड में मानसून के दौरान पर्यटकों के आकर्षण का सबसे मुख्य केन्द्र कौसानी बागेश्वर जिले में पड़ता है। यहां का औसतन तापमान 10-14 डिग्री सेन्टीग्रेड रहता है।



बारिश के मौसम में यहां नन्दा देवी का सूर्योदय, चाय के बगान, आदि कैलाश व बागेश्वर से लेकर सुंदरधुंगा की यात्रा करना बिल्कुल ना भूलें। इसके अतिरिक्त ग्वालदाम जाया जा सकता है। ग्वालदाम देवदार के जंगलों व सेब के बागों के बीच स्थित एक खूबसूरत गांव है। वहीं आप बैजनाथ मंदिर,रुद्रधारी जलप्रपात व गुफाएँ, सुमित्रानंदन पंत संग्रहालय भी घूम सकते हैं।

कैसे पहुंचे-


  • सबसे नजदीकी हवाई अड्डा- पंतनगर

  • सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन- काठगोदाम

  • यहां से आपको 136 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।



चेरापूंजी

अपनी मॉनसूनी बारिश के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध चेरापूंजी अपने आप में एक बेहतरीन विकल्प होने कि सम्भावना है। यहां का औसतन तापमान 12-16 सेंटीग्रेड तक रहता है।



घूमने के लिए यहां सेवेन सिस्टर्स जलप्रात, रूट पुल, खासी हिल्स, नोहकलिकाइ जलप्रात, गुफाएं आदि शामिल हैं।

कैसे पहुंचे-

सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन गुवाहाटी से 181 किलोमीटर का रास्ता तय कर के आप यहां पहुंच सकते हैं।

रानीखेत

जमीन से लगभग 6000 फीट की ऊंचाई पर स्थित रानीखेत मॉनसून के दौरान पर्यटन के लिए सबसे बेहतरीन स्थान है। यहां की खूबसूरत घाटियां, घने जंगल व मौसम इसे एक खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस बनाती हैं। घूमने के लिहाज से आप यहां के गोल्फ मैदान, बालू बांध, नौकुचिया ताल, झूला देवी मंदिर जैसी जगहें जा सकती हैं।



कैसे पहुंचे-

सबसे नजदीकी हवाई अड्डा- पंतनगर
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन- काठगोदाम
पंतनगर से रानीखेत की दूरी 110 किमी है, तो वहीं काठगोदाम से यह 75 किमी दूर है।