वाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कश्मीर का क्यों नहीं हुआ जिक्र, सवालो के घेरे में आए ट्रम्प

वाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कश्मीर का क्यों नहीं हुआ जिक्र, सवालो के घेरे में आए ट्रम्प

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व पाक के पीएम इमरान खान के बीच सोमवार को हुई मुलाकात ( Trump-Imran Meeting) के बाद कश्मीर मामले पर टकराव गहराता जा रहा है.

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एक तरफ जहां डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने उनसे कश्मीर मसले पर मध्यस्थता का ऑफर दिया था. वहीं वाइट हाउस की ओर से जारी अधिकारिक बयान में कश्मीर का जिक्र तक नहीं है.

वाइट हाउस की ओर से जारी बयान में अमरीका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोला है कि वह शांति,स्थिरता व आर्थिक समृद्धि के लिए पाक के साथ कार्य करना चाहते हैं. ट्रंप ने बोला कि क्षेत्रीय सुरक्षा में सुधार के लिए वह कदम उठाना चाहते हैं. पाक सभी आतंकवादी समूहों को बंद करने के लिए कार्रवाई करे.

क्या है बयान में ?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार पाक ने अफगानिस्तान के साथ शांति बातचीत की प्रयास की है. पाक व अमरीका के बीच एक मजबूत व स्थायी साझेदारी का रास्ता अफगानिस्तान में प्रयत्न के शांतिपूर्ण निवारण से निकलता है.

झूठ बोलकर पलटे अमरीकी राष्ट्रपति

दरअसल, इमरान खान से मुलाकात के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने बोला था कि वह पीएम मोदी से दो सप्ताह पहले मिला थे व इस मामले पर बात की थी. उन्होंने बोला था कि आप मध्यस्थता करेंगे. ट्रंप ने बताया कि मोदी ने बोला था कि बहुत वर्षों से ये टकराव चल रहा है. वो मुद्दों का हल चाहते हैं व आप भी इसका हल चाहते हैं. ट्रंप ने बताया कि इस दौरान उन्होंने बोला कि मुझे इस मामले में मध्यस्थता करके खुशी होगी. दो बेजोड़ राष्ट्रों के लिए जिनके जबरदस्त नेता हैं, इस समस्या का हल खोजना असंभव नहीं है.'