लगातार बारिश ने जन जीवन को किया अस्त-व्यस्त, जिसके चलते लोग हुए परेशान

 लगातार बारिश ने जन जीवन को किया अस्त-व्यस्त, जिसके चलते लोग हुए परेशान

देश के विभिन्न जिलों लगातार बारिश से बृहस्पतिवार को दर्जनों कच्चे मकान, दीवार, पेड़, बिजली के खंभे,और तार गिर गए. इनसे हुए हादसों के चलते पूर्वांचल में छह लोगों की मृत्यु हो गई. अवध के जिलों में लगातार बारिश से रायबरेली में तीन, बाराबंकी और सीतापुर में दो और अंबेडकरनगर में एक महिला की जान चली गई.

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अवध में बाराबंकी जिले के देवा क्षेत्र की नयी बस्ती मजरा टाईकला निवासी छत्रपाल चौहान की पुत्री मंजू (4) और अंजू (5) बाबा रामप्रीत के साथ खेत गईं थी. दोनों बच्चियां खेलते हुए खेत के किनारे सड़क के लिए खोदे गए गड्ढे के पास जा पहुंची.

उसमें बारिश का पानी भरा था. पानी से भरे गड्ढे में डूबकर दोनों बहनों की मृत्यु हो गई. वहीं रायबरेली के खीरों निवासी बुधाना (65) छप्पर के नीचे सो गई. गुरुवार तड़के बारिश के कारण खंभा भरभराकर ढह गया. इससे छप्पर के नीचे सो रही बुधाना की मलबे में दबकर मृत्यु हो गई. गुरुबख्शगंज में छेदीलाल (60) व उसकी पत्नी बिंदाना (58) कच्ची दीवार पर रखे छप्पर के नीचे सो रहे थे. दीवार ढहने से दोनों दब गए. इसमें बिंदाना की मृत्यु हो गई. जबकि जायस में राम बहादुर की बेटी संध्या (6) की मलबे में दबकर मृत्यु हो गई.

अंबेडकरनगर के जलालपुर में बारिश के दौरान दीवार ढहने से हरदेई (58) की मलबे में दबकर जान चली गई. जबकि अयोध्या में बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है.पिछले 20 घंटे में नदी के जलस्तर में 31 सेमी। की वृद्धि हुई. सरयू अब चेतावनी निशान से महज 52 मीटर दूर बह रही है. बारिश के कारण बहराइच के फखरपुर में पांच मकान ढह गए.उधर, सीतापुर में दीवार ढहने से महमूदाबाद निवासी हसीना (40) और लहरपुर में अनारकली (45) की मलबे में दबकर मृत्यु हो गई.

वहीं पूर्वांचल में वर्षा जनित हादसों में आजमगढ़, जौनपुर व चंदौली में एक-एक की मृत्यु हो गई. जबकि वहीं बारिश से लबालब भरे गड्ढे में डूबने से देवरिया में भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मृत्यु हो गई.

रायबरेली जिले में बुधवार प्रातः काल प्रारम्भ हुई भारी बारिश से हर तरफ पानी ही पानी हो गया. शहर क्षेत्र के मोहल्लों में जलभराव हो गया. लोगों के घरों तक में पानी घुस गया. नया पुरवा मोहल्ला पानी से चारों तरफ से घिर गया है. इसलिए लोगों को आने-जाने के लिए व्यक्तिगत नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे शहर क्षेत्र में रहने वाली ढाई लाख आबादी को जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ा.