सेब के सिरके का यह सरल उपाय आपको वॉटर रिटेंशन की समस्या से दिलाएगा छुटकारा

सेब के सिरके का यह सरल उपाय आपको वॉटर रिटेंशन की समस्या से दिलाएगा छुटकारा

वॉटर रिटेंशन के कारण पैरों व धड़ में सूजन व दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे में आपको चलने में भी दिक्क्त आती है व कई तरह की कठिनाई होने लगती है। ऐसी कठिनाई को वॉटर रिटेंशन को एडिमा भी बोला जाता है जिसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों में बहुत से कारणों की वजह से पानी की मात्रा अधिक हो जाती है। बता दें, एडिमा की वजह से हाई ब्लडप्रेशर, जोड़ों में दर्द, तनाव व वजन बढ़ना जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है। लेकिन इसके लिए आप घरेलु ढंग भी अपन सकते हैं। आइये जानते हैं उनके बारे में।

1. पार्सले: पार्सले में ड्यूरेटिक प्रॉपर्टीज होते हैं जो वॉटर रिटेंशन की समस्या के लिए बहुत प्रभावी होते हैं। यह शरीर से अधिक पानी को निकालने में मदद करता है। इसके लिए पार्सले की पत्तियों को पानी में उबालें। पानी को थोड़ी देर ठंडी होने दें व फिर उस पानी को दिन में कम से कम 2 से 3 बार जरूर पिएं। ऐसा करना एडिमा के कारण होने वाले दर्द व सूजन से राहत दिलाने में मदद करता है।

2. सेब का सिरका:
सेब के सिरका में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर में सोडियम के स्तर को कम करता है। सोडियम हमारे शरीर में पानी को रोकता है इसलिए सिरका इस स्थिति में प्रभावी होने कि सम्भावना है। प्रतिदिन एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पिएं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद होने कि सम्भावना है।

3. क्रैनबेरी जूस: क्रैनबेरी जूस में ड्यूरेटिक प्रॉपर्टीज होते हैं जो वॉटर रिटेंशन की समस्या से राहत दिलाने में सहायता करते हैं। क्रैनबेरी जूस मे मैग्नीशियम, पोटेशियम व कैल्शियम जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में पाएं जाते हैं जो शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित रखने में मदद करता है। प्रतिदिन एक कप क्रैनबेरी जूस पीना आपके लिए लाभकारी होता है। आप क्रैनबेरी गोलियां भी ले सकते हैं।