कोरोना के विरूद्ध धारावी मॉडल को वैश्विक स्तर पर मिली पहचान

कोरोना के विरूद्ध धारावी मॉडल को वैश्विक स्तर पर मिली पहचान

कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप दुनियाभर में बढ़ता जा रहा है. कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. महाराष्ट्र देश में सबसे प्रभावित राज्यों में से एक है. लेकिन दुनिया स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मुंबई की धारावी बस्ती की तारीफ की है. डब्ल्यूएचओ ने धारावी में कोरोना वायरस को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की तारीफ की. 

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस एडहानम गेब्रेयेसेसने ट्विटर हैंडल से लिखा है कि दुनियाभर में कई उदाहरण हैं जिन्होंने दिखाया कि भले ही प्रकोप कितना भी ज्यादा हो, फिर भी इसे नियंत्रण में लाया जा सकता है व इन उदाहरणों में से कुछ इटली, स्पेन व दक्षिण कोरिया, व यहां तक कि धारावी भी है.

संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य प्रमुख ने बोला कि मुंबई के धारावी में टेस्टिंग, ट्रेसिंग, सोशल डिस्टेंसिंग व संक्रमित मरीजों का तुरंत उपचार के कारण यहां के लोग कोरोना की लड़ाई में जीत की ओर उन्होंने कहा, ऐसे राष्ट्रों से जहां तेजी से विकास हो रहा है, जहां प्रतिबंधों को ढीला कर रहे हैं व अब मुद्दे बढ़ने लगे हैं. हमें नेतृत्व, सामुदायिक सहभागिता व सामूहिक एकजुटता की आवश्यकता है. 

यह है धारावी मॉडल

मुंबई के धारावी मे एक अप्रैल को कोरोना का पहला मुद्दा सामने आया था. पहला मुद्दा सामने आने के बाद भय था कि स्थिति बिगड़ सकती है क्योंकि 80 फीसदी लोग सार्वजनिक शौचालय का प्रयोग करते हैं. 8 से 10 लाख आबादी वाले उस इलाके में एक छोटे से घर में 10 से 15 लोग रहते हैं.

प्रदेश सरकार ने कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग, फीवर कैंप, लोगों को आइसोलेट करना व टेस्ट करना प्रारम्भ किया. स्कूल, कॉलेज को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया. वहां अच्छे डॉक्टर, नर्स व तीनों टाइम अच्छा खाना दिया गया.