कोरोना वायरस की जाँच का प्रतिदिन का आंकड़ा व बढ़ा

कोरोना वायरस की जाँच का प्रतिदिन का आंकड़ा व बढ़ा

देश में कोरोना वायरस की प्रतिदिन जाँच का आंकड़ा धीरे-धीरे 10 लाख के करीब पहुंचता जा रहा है. बुधवार को अब तक की सबसे ज्यादा एक दिन में कोरोना जांचें की गईं. आठ लाख से ज्यादा कोविड-19 जाँच हुई. हिंदुस्तान में अभी तक कुल दो करोड़ 60 लाख से अधिक कोरोना जाँच की जा चुकी है.

चीन के वुहान में कोविड-19 महामारी की आरंभ के बाद भारतीय काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने 22 जनवरी को पहली जाँच प्रयोगशाला की स्थापना पुणे में की थी. इसके बाद, अब तक देशभर में 1,433 लैब्स बनाई जा चुकी हैं, जिसमें से 947 सरकारी हैं तो 486 निजी लैब्स हैं.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि कोरोना वायरस पर लगाम लगानी है तो फिर हर देश को आक्रामक ढंग से लोगों की जाँच करनी होगी. ऐसे में शुरुआती समय में संक्रमण के मुद्दे तो बढ़ेंगे, लेकिन आने वाले कुछ समय में यह कम होने लगेंगे. वहीं, गुरुवार तक, हिंदुस्तान में 2,459,275 मुद्दे सामने आ चुके हैं, जिसमें से 48,140 लोगों की मृत्यु हुई है.

12 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते तक, हिंदुस्तान में पिछले हफ्ते के मुकाबले प्रतिदिन होने वाली कोरोना जाँच में औसतन 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी आई है. अगर जाँच की गति यही रहती है तो 12 दिनों में प्रतिदिन दस लाख कोरोना जाँच का आंकड़ा छुआ जा सकता है.

पिछले पांच दिनों की 4 बार सबसे ज्यादा रिकॉर्ड कोरोना जाँच की जा चुकी है. 12 अगस्त को  830,391, 11 अगस्त को 733,449, 9 अगस्त को 698,290, 8 अगस्त को 719,364 जांचें हुई हैं. रविवार को कम कोरोना जाँच इसलिए हुई, क्योंकि उस दिन ज्यादातर स्टाफ छुट्टी पर रहता है व कुछ ही लोग जाँच के लिए बाहर निकलते हैं. 

केंद्रीय मंत्री डाक्टर हर्षवर्धन ने गुरुवार को कहा, 'भारत की टेस्टिंग की रणनीति की वजह से हम दो महीनों में मृत्युदर को 3.36% से 1.96% पर ले आए हैं. हम अपने लक्ष्य से आगे चल रहे हैं. 31 मई तक प्रतिदिन एक लाख कोरोना जाँच का लक्ष्य रखा गया था. हमने उसे 10 मई को ही क्रॉस कर लिया था.'

उन्होंने कहा, 'जुलाई के अंत में मैंने बोला था कि प्रतिदिन दस लाख जाँच का लक्ष्य पहले 12 हफ्ते में पूरा करने को रखा था, लेकिन अब यह दो से तीन हफ्तों में ही पूरा हो जाएगा.' वहीं, आईसीएमआर के डीजी डाक्टर बलराम भार्गव का बोलना है कि हम लक्ष्य प्राप्त करने के लिए पूरी प्रयास कर रहे हैं.