देश के वीर जवान ने सिर पर गोली लगने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत, 2 आतंकवादियों को किया ढेर

देश के वीर जवान ने सिर पर गोली लगने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत, 2 आतंकवादियों को किया ढेर

श्रीनगर: श्रीनगर के बाहरी इलाके में लवेपोरा इलाके में एक संक्षिप्त एनकाउंटर में बुधवार को दो आतंकी मारे गए व एक आतंकवादी गंभीर रूप से घायल हुआ जिसका उपचार श्रीनगर के स्टेट अस्पताल में चल रहा है। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के जवान रमेश रंजन शहीद हो गए। शहीद होने से पहले, बिहार के लाल शहीद रमेश रंजन ने जिस ढंग से आतंकवादियों से लोहा लिया, उसे पढ़कर आपको भी उनकी वीरगति पर गर्व होगा।  

सीआरपीएफ के एडीजीपी जुल्फकार हसन ने शहीद रमेश रंजन की बहादुरी की कहानी जो बताई, उसे आप भी पढ़िए। उन्होंने बोला "श्रीनगर के बाहरी इलाके में लवेपोरा इलाके में तीन लोग एक स्कूटर पर 73 बटालियन के नाका की ओर आ रहे थे, वो बिना हेलमेट के थे व उन्हें रोका गया। स्कूटी पर सवार अंतिम आदमी नीचे उतर गया व चादर को फेंकते हुए बंदूक निकल कर सीआरपीएफ जवान रमेश रंजन के सिर पर गोली मार दी। जवान ने हौसला नहीं हारे व आतंकवादियों को माकूल जवाब दिया व दो आतंकी को मार गिराया। तीसरे आतंकी को भी घायल कर दिया। " 

शहीद CRPF कांस्टेबल जीडी रमेश रंजन भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के देव टोला निवासी थे। 3 वर्ष पहले बड़े ही धूमधाम से सीआरपीफ कांस्टेबल जीडी रमेश रंजन की विवाह हुई थी। मिली जानकारी के मुताबिक शहीद के दो बड़े भाई दिल्ली में इंजिनियर हैं। उनके पिता जी राधा मोहन सिंह रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर हैं।  
 
सलामी देने के बाद दी गई श्रद्धांजलि 
शहीद रमेश रंजन का पार्थिव शरीर आज प्रातः काल पटना एयरपोर्ट पहुंचा, जहां शहीद को सलामी देने के बाद श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद उनका पार्थिव शरीर भोजपुर जिला के जगदीशपुर प्रखंड अन्तर्गत पैतृक आवास देव टोला गांव के लिए रवाना कर दिया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता ने जब अपने बेटे को मुखाग्नि दी तो वहां खड़े सभी लोगों की आंखों में आंसू आ गए। बेटे के शहीद होने की समाचार मिलते ही गांव में चीख-चीत्कार मच गया। मां सुमित्रा देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।