कोरोना कहर के बीच मध्य प्रदेश में प्रारम्भ हुई स्कूल खोलने की तैयारी

कोरोना कहर के बीच मध्य प्रदेश में प्रारम्भ हुई स्कूल खोलने की तैयारी

भोपाल: कोरोना के चलते हर क्षेत्र का कार्य बंद पड़ा हुआ था। लेकिन अब धीरे-धीरे कामों की आरंभ होने लगी है। वहीं, इस संक्रमण के खतरे के बीच जुलाई से स्कूल खुलने की आसार है। स्कूलों में सुरक्षित शारीरिक दूरी का पूरी तरह से पालन होगा। इसे लेकर स्कूल एजुकेशन विभाग योजना बनाने में जुटा हुआ है। प्रत्येक कक्षा के बच्चे को सम व विषम संख्या में बांटकर एक दिन छोड़कर बुलाया जाएगा। इससे प्रत्येक कक्षा में बच्चों की संख्या आधी होगी, यानि सम संख्या के बच्चे एक दिन आएंगे तो विषम संख्या वाले की उस दिन छुट्टी रहेगी।

दरअसल, प्रत्येक कक्षा में मीटिंग व्यवस्था में सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन किया जाएगा। इसके तहत एक बेंच पर एक बच्चा बैठेगा व छह फीट की दूरी होगी। इसके साथ ही प्रयोगशाला व लायब्रेरी में दस या बारह बच्चों से अधिक नहीं जा सकेंगे। विभाग अपनी योजना शासन को भेजेगा। इसकी अनुमति के बाद ही प्रदेश के कोई भी स्कूल खोले जाएंगे। विभाग इसका सख्ती से पालन भी कराया जाएगा।

बता दें की मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने हर प्रदेश से सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन बनाने के लिए बोला है। मालूम हो कि 20 मार्च से लॉकडाउन प्रारम्भ होने के वजह से इस सत्र में एक भी दिन स्कूल खुल नहीं पाए। औनलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है। हर बच्चे को मास्क लगाना जरूरी होगा स्कूल परिसर को सैनिटाइज कराना हागा। खासतौर पर खेल मैदान को साफ रखना होगा। प्रत्येक बच्चे को मास्क लगाना जरूरी होगा। सभी कक्षा के बाहर सैनिटाइजर उपलब्ध होगा। बच्चों को हाथ सैनिटाइज करने के बाद प्रवेश मिलेगा।