कोरोनाकाल में गायब हैं बिहार के आपदा मंत्री लक्षमेश्वर, मुख्यमंत्री की बैठकों में भी नहीं दिखते हैं मंत्री

कोरोनाकाल में गायब हैं बिहार के आपदा मंत्री लक्षमेश्वर, मुख्यमंत्री की बैठकों में भी नहीं दिखते हैं मंत्री

पटना: भारत व संसार में कोविड-19 (COVID-19) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना संकट के बीच जिन विभागों पर सबसे अधिक दबाव है, उनमें से एक विभाग है आपदा प्रबंधन विभाग। लेकिन क्या आपको यह पता है की इस विभाग के मंत्री कौन हैं? क्या आपने इस सारे कोरोना संकट के बीच मंत्री महोदय को कहीं देखा है? बिल्कुल ठीक सोच रहे हैं आप, इस आपदा के दौरान पिछले 50 दिनों में एक बार भी इस विभाग के मंत्री लक्षमेश्वर राय सार्वजनिक मंच पर नहीं दिखे हैं।



मुख्यमंत्री की बैठकों में भी नहीं दिखते हैं मंत्री
कोरोना संकट के बीच कहां गायब है सूबे के आपदा विभाग के मंत्री? यह सवाल अब हर तरफ से उठने लगा है। जिस विभाग पर इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी है, उस विभाग के मंत्री क्यों कहीं नहीं दिखाई दे रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार इस कोरोना आपदा को लेकर हर दिन मीटिंग करते हैं। इन बैठकों में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव तो उपस्थित होते हैं, लेकिन मंत्री कभी भी इन बैठकों में नहीं दिखते हैं। सवाल उठता है कि क्या सीएम को विभाग के मंत्री की ज़रूरत नहीं हैं या फिर सीएम जी को सिर्फ अधिकारियों पर ही भरोसा है।

विपक्ष साध रहा निशाना

आपदा मंत्री लक्ष्मेश्वर राय के गायब रहने को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। खुद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कई बार इसे लेकर ट्वीट भी किया है। वहीं कांग्रेस पार्टी नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने सवाल उठाते हुए बोला है कि सीएम मंत्रियों से कोई सलाह नहीं लेते हैं, वे सिर्फ अधिकारियों के साथ मीटिंग करके निर्णय लेते हैं। मंत्री तो इस सरकार में बस जातीय समीकरण साधने के लिए बनाए जाते हैं। उनकी योग्यता से कोई लेना देना नहीं है।

लक्षमेश्वर राय ने दी सफ़ाई
आपदा प्रबंधन मंत्री लक्षमेश्वर राय से जब उनके गायब रहने व विपक्ष के आरोपों पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने बोला कि, 'विपक्ष का यही कार्य है। हम इसका नोटिस नहीं लेते हैं।  बिहार सरकार व खुद सीएम इस कोरोना आपदा को लेकर गंभीर हैं व सम्बंधित अधिकारियों को इस मामले में लगातार निर्देशित कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपने गायब रहने के सवाल को टाल दिया। यानी यह साफ है कि जब सीएम व ऑफिसर ही सब कुछ सम्भाल रहे हैं तो फिर आपका क्या काम?