लाखों प्रवासी मेहनतकश कर रहे हैं ऑप्टिक फाइबर बिछाने का कार्य

लाखों प्रवासी मेहनतकश कर रहे हैं ऑप्टिक फाइबर बिछाने का कार्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून को प्रवासियों के लिए पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना लॉन्च की. इसके तहत उन्हें ऑप्टिक फाइबर केबल बिछाने का कार्य दिया गया है. योजना के लॉन्च होने के तीन हफ्तों में, सरकार ने इसपर छह हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इसपर 125 दिनों में कुल 50,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है.

इस योजना के जरिए अपने गृह प्रदेश लौटे लाखों दिहाड़ी मजदूरों को जॉब मिली है. ये सभी कोरोना वायरस की वजह से देश में लागू हुए लॉकडाउन के कारण अपने-अपने गृह प्रदेश वापस लौट आए हैं. 25 योजनाओं को मिलाकर ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 59.8 मिलियन दिन का काम सृजित किया गया है. यह जानकारी सरकारी अधिकारियों ने दी.

ऑप्टिक फाइबर केबलों को बिछाने से सबसे अधिक कार्य उत्पन्न हुआ है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह 93,390 गतिविधियों (या बहुत काम) के लिए जिम्मेदार है. ग्रामीण गरीबों के लिए गृह निर्माण जो धीमी गति से प्रारम्भ हुआ, 64,756 गतिविधियों के लिए जिम्मेदार है. ऐसा तब हुआ है जब कोरोना वायरस बीमारी के मद्देनजर ग्रामीण हिंदुस्तान में भी दैनिक गतिविधियां औनलाइन हो गई हैं.
 
सरकार का अनुमान है कि कम से कम 7.5 मिलियन प्रवासी श्रमिक महामारी व राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण अपने गृह प्रदेश लौट आए हैं. नीति निर्माताओं ने योजनाओं व संसाधनों को जोड़ने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत की क्योंकि ग्रामीण हिंदुस्तान में कार्य की भारी मांग देखी गई जबकि कुछ शहरी केंद्रों को मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ा.

सरकार की प्रमुख ग्रामीण गारंटी योजना के तहत कार्य की मांग बढ़ गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 67.2 मिलियन आदमी पहले ही कार्य कर चुके हैं व 227,000 परिवारों ने अपना 100 दिनों का कार्य पूरा कर लिया है. गरीब कल्याण योजना को प्रवासी मजदूरों को कार्य देने के लिए तैयार किया गया था. लगभग 60 फीसदी श्रमिकों ने निर्माण क्षेत्र में कार्य किया है इसलिए सरकार ने इसका आकलन करने के लिए एक बड़ा सर्वेक्षण किया और यह योजना समान मौका प्रदान करती है.