IITs कैंपस में स्टूडेंट्स को मिले करोड़ों के जॉब पैकेज ऑफर, घरेलू जॉब 1.8 करोड़ का, इंटरनेशनल ऑफर्स 2 करोड़ के

IITs कैंपस में स्टूडेंट्स को मिले करोड़ों के जॉब पैकेज ऑफर, घरेलू जॉब 1.8 करोड़ का, इंटरनेशनल ऑफर्स 2 करोड़ के

कोरोना महामारी के पहले दौर में सुस्ती के बाद देश की जानी-मानी IITs कैंपस में एक बार फिर करोड़ प्लस जॉब पैकेज ऑफर का मौसम लौटता नजर आ रहा है। सेशन के ओपनिंग डे पर कई IITs करोड़ प्लस सैलरी क्लब के मेंबर बन गए हैं। इससे सेशन में हाईएस्ट डोमेस्टिक पैकेज ने 1.8 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लिया है, जबकि इंटरनेशनल ऑफर्स ने 2 करोड़ की सीमा पार कर ली है।

बुधवार को पहले दिन उबर टेक्नोलॉजिस (Uber Technologies) ने चुने गए स्टूडेंट्स को सबसे अधिक 2 करोड़ रुपये प्लस का पैकेज ऑफर किया। इनमें से टॉप डोमेस्टिक पैकेज 1.8 करोड़ का जबकि इंटरनेशनल पैकेज 2 करोड़ का रहा। कंपनी ने 5 आईआईटी के छात्रों को 2 करोड़ रुपये अधिक पैकेज का ऑफर किया है। आईआईटी बॉम्बे और मद्रास के छात्र को 2.5 करोड़ रुपये यानी 274,000 डॉलर का ऑफर दिया है।

6 साल बाद मिला 2 करोड़ का पैकेज
रिपोर्ट में कहा गया है कि उबर पैकेज की राशि 2,74,250 डॉलर या 2.05 करोड़ रुपये प्रति वर्ष है। इसमें 1,28,250 डॉलर या 96 लाख रुपये का मूल वेतन, टार्गेट बोनस, न्यू हायर ग्रांट और साइन-ऑन बोनस शामिल है। आईआईटी इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स को करीब 6 साल के बाद 2 करोड़ रुपये का पैकेज ऑफर किया गया है।

फर्स्ट स्लॉट में स्टूडेंट्स को 62 लाख का पैकेज दिया गया

वहीं एक छात्र IIT रुड़की से है, जिन्हें 2.15 करोड़ यानी 287,550 डॉलर का ऑफर दिया गया है। दो अन्य छात्रों को 1.30 और 1.80 करोड़ रुपये का पैकेज ऑफर किया है। आईआईटी रुड़की के इन तीनों छात्रों को भारत में ही नौकरी करने का ऑफर शामिल है। आईआईटी रुड़की के 11 छात्रों को 1 करोड़ रुपये अधिक का ऑफर मिला है। उबर का हेड ऑफिस अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में है। इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म मिलेनियम की ओर से फर्स्ट स्लॉट में स्टूडेंट्स को 62 लाख का पैकेज दिया गया। वहीं वर्ल्ड क्वांट ने 52.7 और ब्लैकस्टोन ने 46.6 लाख का पैकेज दिया।

आईआईटी मद्रास के 11 स्टूडेंट्स को इंटरनेशनल ऑफर मिले

आईआईटीयंस को सबसे ज्यादा पैकेज देने वाली कंपनी में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, क्वालकॉम, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, एयरबस एंड बेन एंड कंपनी शामिल है। पहले स्लॉट में आईटी सॉफ्टेवयर, कोर इंजीनियरिंग और कंसल्टिंग प्रमुख क्षेत्र हैं जहां स्टूडेंट्स को हायर किया गया। आईआईटी मद्रास में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के एडवाइजर प्रोफेसर सीएस शंकर राम ने बताया कि एक दिन में आईआईटी मद्रास के 11 स्टूडेंट्स को इंटरनेशनल ऑफर मिले। प्लेसमेंट के पहले सेशन में यहां 407 स्टूडेंट्स ने प्लेसमेंट का रिकॉर्ड कायम किया।


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।