मध्य प्रदेश: अपने प्रदेश पहुंचे 5 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर

मध्य प्रदेश: अपने प्रदेश पहुंचे 5 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर

भोपाल: कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे मध्य प्रदेश 5 लाख प्रवासी मेहनतकश अपने प्रदेश वापस पहुंच चुके हैं. एक सरकारी ऑफिसर ने जानकारी देते हुए बताया कि इनमें से ज्यादातर मेहनतकश बस से अपने घर पहुंचे हैं. बता दें कि देश में मार्च महीने में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था जिसकी वजह से कई मजदूर, विद्यार्थी व अन्य लोग दूसरे राज्यों में फंस गए थे. इन लोगों को अपने गृह प्रदेश वापस भेजने के लिए सरकार की तरफ से बस व रेलवे सेवा प्रारम्भ की गई थी.

अतिरिक्त मुख्य सचिव आइसीपी केशरी ने बोला कि शुक्रवार तक प्रदेश सरकार 5 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को वापस ला चुकी है. इनमें से ज्यादातर लोग बसों से आए हैं. उन्होंने बताया कि कम से कम 3 लाख 52 हजार लोग बस से जबकि 1 लाख 46 हजार लोगों को 119 स्पेशल श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से लाया गया है.

सबसे ज्यादा गुजरात से लौटे मजदूर

केशरी ने बताया कि सबसे ज्यादा गुजरात से 2 लाख 2 हजार प्रवासी मेहनतकश वापस आए हैं. वहीं 1 लाख 12 हजार महाराष्ट्र से व 1 लाख 10 हजार लोगों को राजस्थान से वापस लाया गया है. इसके अतिरिक्त गोवा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु व तेलंगाना से भी मजदूरों की वापसी हुई है. वहीं प्रदेश सरकार अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी कामगारों को भी मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा पर पहुंचा रही है.

रेलवे ने प्रारम्भ की श्रमिक स्पेशल ट्रेन सेवा

अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी कामगारों को उनके गृह प्रदेश वापस भेजने के लिए रेलवे मंत्रालय की तरफ से 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन सेवा प्रारम्भ की गई. केन्द्र ने लॉकडाउन के तीसरे चरण में लोगों को छूट देते हुए प्रवासी मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों व अन्य लोगों को उनके गृह प्रदेश जाने की अनुमति दे दी थी. इससे पहले सभी राज्यों के बीच बॉर्डरों को सील कर दिया गया था व आवाजाही एकदम बंद थी. अब 18 मई से लॉकडाउन का चौथा चरण प्रारम्भ हो चुका है जिसकी अवधि 31 मई है.