कोरोना ने दिल्ली में तोड़े सारे रिकार्ड, मिली इतनी संक्रमित लोग , इतनी लोगो की हुई मौत

कोरोना ने दिल्ली में तोड़े सारे रिकार्ड, मिली इतनी  संक्रमित लोग , इतनी लोगो की हुई  मौत


बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इससे पहले 20 अप्रैल, 2021 को एक दिन में 28,359 लोग संक्रमित मिले थे। राजधानी में कोरोना का पहला मरीज 2 मार्च 2020 को मिला था लेकिन तब से लेकर अब तक पहली बार एक दिन में संक्रमित मिलने वालों की संख्या 29 हजार के करीब पहुंची है।

विभाग ने जानकारी दी है कि पिछले एक दिन में 98,832 नमूनों की जांच की गई। संक्रमण दर 29.21 रही। इस दौरान 22,121 मरीजों को छुट्टी भी दी गई। बीते 31 दिसंबर, 2021 तक दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 25,107 थी जोकि बढ़कर 25,271 तक पहुंच गई है। संक्रमितों की कुल संख्या 16,46,583 हो चुकी है। इनमें से 15,27,152 मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी दिल्ली में 94160 कोरोना मरीज उपचाराधीन हैं जिनमें से 2424 मरीजों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है। 559 मरीजों को कोविड स्वास्थ्य केंद्र और 41 मरीजों का इलाज कोविड निगरानी केंद्रों में चल रहा है। इतना ही नहीं 62324 मरीजों का उपचार उनके घरों में चल रहा है।
98 मरीजों की स्थिति गंभीर
विभाग ने जानकारी दी है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों में से 98 की हालत गंभीर है जिन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इनके अलावा 768 मरीजों को ऑक्सीजन थेरेपी दी जा रही है, लेकिन 628 मरीजों में मॉडरेट लक्षण होने की वजह से उन्हें आईसीयू में रखा गया है। 55 मरीजों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। इनके अलावा राजधानी में कोरोना के नए मामले बढ़ने की वजह से कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़कर 23997 तक पहुंच गई है। पिछले एक दिन में तीन हजार नए इलाके कंटेनमेंट जोन में शामिल किए गए हैं।
अब तक 1.17 करोड़ टीकाकरण
राजधानी में 1.17 करोड़ लोग दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा कर चुके हैं। इनके अलावा 4.02 लाख किशोरों ने वैक्सीन की पहली खुराक ले ली है। इनके अलावा 65128 स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और पहले से बीमार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों को एहतियाती खुराक भी मिल गई है।


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।