35 वर्षीय व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद अस्पताल में भर्ती

35 वर्षीय व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद अस्पताल में भर्ती
 

 

First Monkeypox Case in India: राष्ट्र में मंकीपॉक्स का पहला मामला केरल में सामने आने के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थिति से निपटने में ऑफिसरों का योगदान करने के लिए गुरुवार को राज्य में एक हाई लेवल टीम भेजी है. इससे पहले, केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बोला था कि विदेश से राज्य में लौटे एक 35 वर्ष के एक आदमी में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जांच में आदमी में मंकीपॉक्स संक्रमण की पुष्टि हुई. बता दें कि रोगी तीन दिन पहले ही संयुक्त अरब अमीरत (UAE) से केरल के कोल्लम पहुंचा है.

केंद्र ने केरल भेजी हाई लेवल टीम

केरल भेजी गई केंद्रीय टीम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नयी दिल्ली के जानकारों और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ ऑफिसरों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण कार्यालय, केरल के जानकार हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक पत्र में बोला गया है, ‘‘केरल के कोल्लम जिले में मंकीपॉक्स के एक मुद्दे की पुष्टि के मद्देनजर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोग की जांच में केरल गवर्नमेंट का योगदान करने और आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य तरीकों के लिए एक केंद्रीय टीम को भेजने का फैसला लिया है.’’ ऑफिसरों ने बोला कि टीम राज्य के स्वास्थ्य विभागों के साथ मिलकर काम करेगी और जमीनी स्थिति का जायजा लेगी और स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों की सिफारिश करेगी.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘केंद्र गवर्नमेंट स्थिति की सावधानीपूर्वक नज़र करके और राज्यों के साथ समन्वय करके एक्टिव कदम उठा रही है.’’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक मंकीपॉक्स वायरल जूनोसिस है (जानवरों से इंसानों में प्रसारित होने वाला वायरस), जिसमें चेचक के समान लक्षण होते हैं. हालांकि चिकित्सकीय दृष्टि से यह कम गंभीर है.

इन अफ्रीकी राष्ट्रों में आम है यह वायरस
मध्य और पश्चिम अफ्रीका के दूरदराज के हिस्सों में मंकीपॉक्स वायरस सबसे आम है. लेकिन यूरोप और अमेरिका में भी इसके फैलने की खबरें पिछले दिनों आई है. दरअसल, यह स्मॉलपॉक्स की तरह ही एक वायरल इन्फेक्शन है जो चूहों और खासकर बंदरों से इंसानों में फैल सकता है. यदि कोई जानवर इस वायरस से संक्रमित है और आदमी उसके संपर्क में आता है तो आसार है कि उसे भी मंकीपॉक्स हो जाए.

क्या है मंकीपॉक्स, कैसे होते हैं लक्षण
मंकीपॉक्स देखने में चेचक का बड़ा रूप लगता है, इसमें लगभग लक्षण भी वहीं हैं. हालांकि यह रोग आमतौर पर मामूली होती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो मंकीपॉक्स के लक्षण 6 से 13 दिन में दिखने लगते हैं. इसमें बुखार, तेज सिरदर्द, पीठ और मांसपेशियों में दर्द के साथ गंभीर कमजोरी शामिल है. संक्रमित आदमी के शरीर पर बड़े-बड़े दाने निकल आते हैं. गंभीर स्थिति में ये दाने आंखों के कॉर्निया को भी प्रभावित कर सकते हैं. इसका ठीक उपचार तो अभी नहीं हैं, लेकिन वैसे यह चेचक का ही बड़ा स्वरूप लगता है, इसलिए चेचक की वैक्सीन को मंकीपॉक्स के विरूद्ध असरदार माना जाता है.