हैदराबाद से की गई गोहर की गिरफ्तारी

हैदराबाद से की गई गोहर की गिरफ्तारी

Gauhar Chishti: अजमेर पुलिस के एक दल ने अजमेर दरगाह के मुख्य द्वार पर 17 जून को कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने वाले गौहर चिश्ती को गुरुवार को हैदराबाद से अरैस्ट कर लिया. उसे हैदराबाद से अरैस्ट किया गया है. शुक्रवार तक पुलिस अजमेर लेकर पहुंचेगी. आरोपी गौहर ने मौन जुलूस के दौरान हिंसा भड़काने वाले नारे लगाए थे.

25 जून को दर्ज की गई थी FIR

अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि भड़काऊ भाषण मुद्दे में फरार चल रहे गौहर चिश्ती को अजमेर पुलिस के दल ने गुरुवार को हैदराबाद से अरैस्ट कर लिया है. पुलिस दल उसे शुक्रवार को ट्रांजिट रिमांड पर अजमेर लेकर आएगा. उन्होंने आगे बताया कि गौहर चिश्ती के विरूद्ध भड़काऊ भाषण को लेकर 25 जून को FIR दर्ज की गई थी. इसके बाद से वह फरार चल रहा था और 29 जून के बाद से वह राजस्थान के बाहर चला गया था. उसे गुरुवार को हैदराबाद से अरैस्ट कर लिया गया. साथ ही जिस के मकान में वह जाकर ठहरा था उस मकान मालिक को भी अरैस्ट किया. पुलिस उसे अजमेर लेकर आएगी. कल इसका खुलासा किया जाएगा

वीडियो के आधार पर पुलिस ने 4 लोगों को पहले ही अरैस्ट कर लिया था. बताया जा रहा है गौहर की उदयुपर में हुए कन्हैयालाल के मर्डर मुद्दे में संदिग्ध किरदार है. पुलिस इस एंगल पर भी जांच करेगी.

17 जून को लगाए थे हिंसा भड़काने वाले नारे

रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया कि 17 जून को दोपहर 3 बजे कुछ लोगों ने गेट पर पहले से निर्धारित मौन जुलूस की शर्तों का उल्लंघन कर वहां भाषण दिया. और इसके लिए रिक्शे पर लाउडस्पीकर लगाया गया था. इस दौरान लगभग 3,000 लोगों की भीड़ दरगाह के पास इकट्ठा थी, जबकि गौहर चिश्ती को पहले ही समझाया गया था, लेकिन इसके बावजूद भड़काऊ भाषण और नारेबाजी की गई. ऐसे में धार्मिक जगह से हिंसा के लिए भीड़ को उकसाने और मर्डर का आह्वान करने पर मामला दर्ज किया गया था.

उदयपुर हत्याकांड में भी हाथ

गौरतलब है कि उदयपुर में ही गौहर चिश्ती ने कन्हैया लाल का मर्डर करने वाले मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस से मुलाकात की थी और उसी दौरान अपने मोबाइल टेलीफोन से कुछ पैसे ट्रांसफऱ भी किए थे. मुलाकात के 10 दिन बाद ही कन्हैयालाल की 28 जून को मर्डर कर दी गई थी. अब NIA गौहर चिश्ती के फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है. NIA को संदेह है कि गौहर चिश्ती ने ये पैसे मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस को कन्हैया लाल के मर्डर करने के लिए दिए होंगे.