क्या लॉकडाउन के बाद एहतिहात महत्वपूर्ण नहीं

क्या लॉकडाउन के बाद एहतिहात महत्वपूर्ण नहीं

Corona Myth Busters: इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हो रहे हैं. ऐसा ही एक मिथक लोगों के मन को परेशान कर रहा है कि क्या सब्जियों व उनके थैले को गर्म पानी में धोना चाहिए. इन सवालों को लेकर आम लोगों में मन में बहुत ज्यादा भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. क्या है, इन मिथकों की सच्चाई, इस बारे में आपको बता रहा है ‘हिन्दुस्तान'.

कोरोना : मिथ व सच्चाई
लॉकडाउन के बाद ज्यादा एहतिहात की आवश्यकता नहीं होगी-
हकीकत-

लॉकडाउन खोले जाने का अर्थ यह नहीं होगा कि कोविड-19 समाप्त हो गया है या अब किसी को यह संक्रमण नहीं होगा. स्वच्छता के व्यवहार को अब हमेशा के लिए अपनाना होगा. वायरस के सम्पर्क में आने से बचने के लिए जागरूक रहना होगा. हर रोज हाथ धोना व शारीरिक दूरी को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा. ज्यादा स्पर्श की जाने वाली चीजों को असंक्रमित करते रहना होगा. खासतौर पर, जब तक कि इसका टीका नहीं आ जाता.
 
हाइड्रोक्लोरोक्विन सबको लेना चाहिए-
हकीकत-

क्रोविड संक्रमित व उनकी देखभाल कर रहे लोगों को यह दवा दी जा रही है. पर, उसका एक प्रोटोकॉल है व इसे डॉक्टर के कहे अनुसार ही लेना चाहिए. इसके नुकसान भी हो सकते हैं. जिन्हें भी दिल संबंधी रोग हैं या जो कई रोगों से जूझ रहे हैं, उन्हें यह दवा नहीं लेनी चाहिए.
 
सब्जियों और उनके थैले को गर्म पानी में धोना चाहिए-
हकीकत-

कपड़े के बैग को सामान्य पानी और साबुन से धोकर धूप में सुखाना पर्याप्त है. उन्हें असंक्रमित भी कर सकते हैं. उन्हें घर में ऐसी स्थान रखें, जहां बहुत वस्तुएं न रखी हों. सब्जियों को सामान्य पानी में अच्छी तरह धो लें. वायरस को मारने के लिए जितना तापमान महत्वपूर्ण है, उसे हाथ लगाने से स्कीन चल जाएगी. यूं भी सब्जियों को पकाकर ही खाया जाता है.