पाक में प्लेन क्रैश से पहले पायलट के ये थे 'आखिरी शब्द', विमान में कुल 98 लोग थे सवार

पाक में प्लेन क्रैश से पहले पायलट के ये थे 'आखिरी शब्द', विमान में कुल 98 लोग थे सवार

नयी दिल्ली: पाक से शुक्रवार को एक दुखद समाचार आई। पाक इंटरनेशनल एयरलाइन्स  (Pakistan International Airlines) का एक विमान, कराची एयरपोर्ट के पास लैंडिंग से कुछ मिनट पहले ही क्रैश हो गया।

ये एक्सीडेंट दोपहर करीब पौने तीन बजे हुआ। विमान में कुल 98 लोग सवार थे। ये विमान, कराची एयरपोर्ट के पास ही एक रिहायशी इलाके में क्रैश हुआ। बताया जा रहा है कि विमान पहले एक मोबाइल टॉवर से टकराया व फिर घरों की छतों से टकराते हुए सड़क पर गिर गया। इस हादसे से कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। विमान में सवार लोगों के अलावा, जमीन पर इसकी चपेट में आने से भी कई लोगों की मृत्यु हुई है। हादसे वाली स्थान से अबतक 37 शवों को निकाला जा चुका है।  

इस क्रैश की वजह विमान के इंजन का फेल होना बताई गई है।   विमान के पायलट ने क्रैश होने से दस मिनट पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताया था कि विमान में कुछ तकनीकी गड़बड़ी है। जिसके कुछ देर बाद ही विमान का ATC से सम्पर्क टूट गया, व फिर ये विमान क्रैश हो गया। विमान के पायलट व ATC के बीच हुई वार्ता की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसे सुनकर पता चलता है कि क्रैश से कुछ मिनट पहले क्या हुआ था।  

इस डिस्ट्रेस कॉल यानी मुसीबत में होने की जानकारी देने के लिए पायलट ने May Day शब्द का प्रयोग किया। ऐसा तब किया जाता है जब विमान के क्रैश होने का बेहद खतरा होता है। ऐसी स्थिति में पायलट तीन बार May Day बोलकर कंट्रोल रूम को सूचना देता है कि स्थिति बेहद बेकार है। दरअसल, ये फ्रेंच शब्द m'aider से निकला है जिसका मतलब होता है - मेरी मदद करो।  

बातचीत के दौरान Air Traffic Control ने पायलट से ये भी पूछा कि क्या वो Belly Landing के लिए तैयार हैं। दरअसल, विमान के लैंड होने के लिए उसके निचले हिस्से में Landing Gears लगे होते हैं। उनके खुलने पर ही विमान, रनवे पर लैंड करता है। लेकिन अगर Landing Gears में खराबी आ जाए व वो ना खुलें तो ऐसी स्थिति में विमान के निचले हिस्से के सहारे ही Landing की प्रयास की जाती है ताकि वो एकदम से जमीन पर क्रैश होकर ना गिर जाए।  

पाकिस्तान में हुए विमान क्रैश की शुरुआती जाँच में ये अंदाजा लगाया गया है कि विमान के इंजन फेल होने के बाद जब पायलट ने लैंडिंग की प्रयास की तो Landing Gears खुल नहीं सके। लॉकडाउन की वजह से पाक में बहुत ज्यादा वक्त से उड़ानें बंद थीं। पिछले शनिवार से ही घरेलू उड़ानों को दोबारा प्रारम्भ किया गया था व आज इतना बड़ा एक्सीडेंट हो गया।  

कराची के जिन्नाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास मॉडल कॉलोनी के लिए ऊपर से गुजरते विमानों की आवाज कोई नयी बात नहीं थी। लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा था कि कोई विमान, उनके घरों पर गिर जाएगा।  

लेकिन एक जोरदार धमाका व कुछ देर के लिए तो लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है? लेकिन थोड़ी ही देर में ये मंजर देखकर लोगों के होश उड़ गए।   कुछ ही देर में PIA ने ऐलान कर दिया कि उसका एक विमान कराची एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गया है, जिसकी चपेट में कम से कम 4 से 5 मकान आए हैं। गाड़ियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गली में इतना धुआं भर गया था कि कुछ भी देखना कठिन हो गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुट गईं।  

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का ये विमान एयरबस A-320.। PK 8303 दोपहर 1 बजे लाहौर से रवाना हुआ था व करीब पौने तीन बजे क्रैश हो गया।   क्रैश होने से पहले विमान ने आसमान में दो से तीन बार चक्कर लगाए थे। प्लेन में 91 यात्री व 7 क्रू सदस्य सवार थे। इनमें 51 पुरुष, 31 महिलाएं व 9 बच्चे शामिल थे। इनमें पाक के एक वरिष्ठ पत्रकार अंसारी नकवी भी शामिल हैं। बैंक ऑफ पंजाब के प्रेसीडेंट जफर मसूद भी विमान में सवार थे, हालांकि वो इस हादसे में सुरक्षित हैं।  

जिस इलाके में ये क्रैश हुआ, वो जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बहुत ज्यादा पास है, जहां दो से तीन मंजिला मकान बने हुए हैं। जबकि एयरपोर्ट के इतने समीप घर बनाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए थी। अगर एयरपोर्ट के पास रिहाइशी इलाके की इजाजत नहीं होती तो शायद इस हादसे से इतना नुकसान ना हुआ होता, जितना हो गया है।  

पाकिस्तान में अब तक अस्सी से ज्यादा विमान हादसे हो चुके हैं जिनमें एक हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। पाक में सबसे बड़ा विमान एक्सीडेंट साल 2010 में हुआ था जिसमें 152 लोग मारे गए थे। आज हुए क्रैश में अभी तक मौतों का पूरा आंकड़ा नहीं आया है। लेकिन जिस तरह की तबाही इस क्रैश ने मचाई है, उसकी भयावह फोटोज़ पाक लंबे वक्त तक नहीं भूलेगा।  

इस विमान हादसे की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन क्रैश के बाद पाक की एयरपोर्ट अथॉरिटी पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिस रिहायशी इलाके में ये विमान गिरा, वो कराची एयरपोर्ट से महज तीन किलोमीटर दूर है। पाकिस्तानी मीडिया में एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अगर एयरपोर्ट के पास रिहाइशी इलाके की इजाजत नहीं होती तो इस हादसे की वजह से घरों में आग नहीं लगती।