यूक्रेन को लेकर आमने सामने आए रूस और पश्चिमी देश, पुतिन ने दी चेतावनी

यूक्रेन को लेकर आमने सामने आए रूस और पश्चिमी देश, पुतिन ने दी चेतावनी

Russian President Vladimir Putin Warns NATO: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को कहा कि उनका देश नाटो से इस बात की गारंटी मांगेगा कि वह पूर्व की तरफ ना बढ़े. उन्होंने कहा कि मॉस्को पश्चिमी देशों (Western Countries) से कहेगा कि वह और अधिक विस्तार एवं रूस की सीमाओं के पास उसे हथियार तैनात करने से रोकने की कोशिश भी ना करे. यूक्रेन पर आक्रमण करने की मॉस्को की कथित योजना को लेकर यूक्रेन और पश्चिमी देशों की चिंताओं के बीच पुतिन का यह बयान आया है.

रूसी राजनयिकों ने देश के पूर्व में अलगाववादी टकराव वाले क्षेत्र के पास यूक्रेन के सैन्य तैनाती के बारे में चिंता जताई है. पुतिन ने रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन (Kremlin) में एक कार्यक्रम में जोर देते हुए कहा कि रूस अपनी सुरक्षा की ठोस, विश्वसनीय और टिकाऊ गारंटी मांगेगा. पुतिन ने कहा, ‘अमेरिका और इसके सहयोगी देशों के साथ एक वार्ता में हम विशेष समझौते करने पर जोर देंगे, जो पूर्व की ओर नाटो को और अधिक बढ़ने से और रूसी क्षेत्र के पास हथयिार प्रणाली की तैनाती रोकने के संबंध में होगा.’

पश्चिमी देशों को आमंत्रित करेगा रूस

उन्होंने कहा कि रूस पश्चिमी देशों को इस मुद्दे पर विस्तृत वार्ता के लिए आमंत्रित कर रहा है और मॉस्को को अपनी सुरक्षा की कानूनी गारंटी की जरूरत होगी (Russia NATO Conflict). रूसी नेता ने इस बात का जिक्र किया कि इस तरह के समझौते में सभी देशों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए. उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले पुतिन ने नाटो को यूक्रेन में अपने सैनिक और हथियार तैनात करने के खिलाफ सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि यह एक कड़ी प्रतिक्रिया को आमंत्रित करेगा.

यूक्रेन पर आक्रमण का खतरा

यूक्रेन की सीमा के निकट एक रूसी सैन्य जमावड़े को लेकर हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ा है, जिसने यूक्रेन और पश्चिमी देशें के अधिकारियों को चिंतित कर दिया है जो इसे मॉस्को द्वारा अपने पूर्व सोवियत पड़ोसी (Former Soviet Country) पर आक्रमण के इरादे के तौर पर देखते हैं. नाटो देशों के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार को कहा था कि यूक्रेन को और अधिक अस्थिर करने की कोई भी कोशिश एक भारी गलती साबित होगी.


भारत-पाक बंटवारे में जुदा हुए दो भाई मिले 74 साल बाद, ऐसी रही दोनों की मुलाकात

भारत-पाक बंटवारे में जुदा हुए दो भाई मिले 74 साल बाद, ऐसी रही दोनों की मुलाकात

इस्लामाबाद फिर दो दिलों को मिलाने का जरिया बना है। इस बार कॉरिडोर के कारण 74 साल बाद दो बिछड़े भाइयों की मुलाकात हुई है। ये दोनों भाई भारत-पाकिस्तान बंटवारे के कारण एक दूसरे से अलग हो गए थे। दोनों भाईयों को पहचान मुहम्मद सिद्दीक और भारत में रहने वाले उनके भाई हबीब उर्फ शेला के नाम से हुई है।

74 साल बाद भरी आंखों के साथ मिले दोनों भाई पाकिस्तानी मीडिया एआरवॉय न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 80 साल के मुहम्मद सिद्दीक पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर में रहते हैं। वे बंटवारे के वक्त अपने परिवार से अलग हो गए थे। उनके भाई हबीब उर्फ शेला भारत के पंजाब में रहते हैं। करतारपुर कॉरिडोर में इतने लंबे अरसे बाद एक दूसरे को देख दोनों की आंखें भर आई और वे भावुक होकर गले मिले।

सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा वीडियो सोशल मीडिया पर इन दोनों भाइयों के मुलाकात का एक वीडियो भी शेयर किया जा रहा है। इसमें दोनों अपने-अपने रिश्तेदारों के साथ करतारपुर कॉरिडोर में दिखाई दे रहे हैं। मुलाकात के दौरान दोनों भाई एक दूसरे को भावुक होकर गले लगाते नजर आए। इस वीडियो में परिवार के अलावा गुरुद्वारा प्रबंधन के अधिकारी भी नजर आ रहे हैं।

पहले भी मिल चुके हैं दो दोस्त इससे पहले पिछले साल भी करतारपुर कॉरिडोर में दो बिछड़े दोस्त 74 साल बाद मिल पाए थे। भारत के सरदार गोपाल सिंह अपने बचपन के दोस्त अब 91 साल के मोहम्मद बशीर से 1947 में अलग हो गए थे। इस समय सरदार गोपाल सिंह की उम्र 94 साल जबकि मोहम्मद बशीर 91 साल के हो चुके हैं।

करतारपुर कॉरिडोर के बारे में जानिए भारत में पंजाब के डेरा बाबा नानक से पाक सीमा तक कॉरिडोर का निर्माण किया गया है और वहीं पाकिस्तान भी सीमा से नारोवाल जिले में गुरुद्वारे तक कॉरिडोर का निर्माण हुआ है। इसी को करतारपुर साहिब कॉरिडोर कहा गया है। करतारपुर साहिब सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल है। यह पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है। यह भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से तीन से चार किलोमीटर दूर है और करीब लाहौर से 120 किलोमीटर दूर है। यह सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी का निवास स्थान था और यहीं पर उनका निधन भी हुआ था। ऐसे में सिख धर्म में इस गुरुद्वारे के दर्शन का का बहुत अधिक महत्व है।