एक तरफ कोरोना का कहर, दूसरी तरफ पानी का आकाल झेल रहा नाइजीरिया

एक तरफ कोरोना का कहर, दूसरी तरफ पानी का आकाल झेल रहा नाइजीरिया

लागोस: मानव जाति के अस्तित्व के लिए सबसे बुनियादी घटक भी कोरोना वायरस (Coronavirus) के विरूद्ध एक जरूरी हथियार है. वैज्ञानिकों का बोलना है कि 30 सेकंड के लिए अपने हाथों को साबुन व पानी से धोएं. दिन में आठ गिलास पानी (Water) पिएं. हाइड्रेटेड व हाइजीनिक रहें. ऐसे में पानी कोरोना से लड़ने के लिए अच्छा हथियार है.

मगर संसार भर में साफ पानी की पहुंच नाटकीय रूप से असमान है. नाइजीरिया (Nigeria) की आबादी के लगभग एक तिहाई हिस्से में साफ पानी की पहुंच नहीं है. इसे पाने के लिए लोगों को बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है.

इस महामारी में नजदीकी पंप से पानी लेने का मतलब है कि वायरस के सम्पर्क में आना या पुलिस से झड़प. देश के स्वतंत्र राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अप्रैल माह में एक रिपोर्ट पेश की है. इसमें बताया गया है कि लॉकडाउन लागू होने के बाद से यहां पर अपराध रेट बहुत ज्यादा बढ़ गया है. बाहर निकलने में यहां के लोगों को भय लगता है. ऐसे में लोगों के पास साफ पानी की किल्लत देखने को मिल रही है

नाइजीरिया में 211 लोगों की मृत्यु कोविड-19 से हो गई है. डॉक्टरों का अनुमान है कि ठीक संख्या कहीं अधिक हो सकती है. कुछ क्षेत्रों, जैसे कि कानो राज्य, में सामान्य से कहीं अधिक मौतें दर्ज की गई हैं. अफ्रीका में नाइजीरिया सबसे अधिक आबादी वाला देश है. यहां पर लॉकडाउन में कुछ ढील दी गई. वहीं बुजुर्ग लोगों को घर के अंदर रहने के लिए बोला गया है. नाइजीरिया में अब तक कोरोना वायरस के 7,016 मुद्दे सामने आए हैं.

39 वर्षीय मायोवा डुनटोय ने बताया कि वह अपनी 14 वर्ष की बेटी के साथ रहती है. उनके साथ अन्य तीन परिवार भी हैं. प्रत्येक परिवार के पास एक कमरा है, व वे बाथरूम व रसोई जगह को साझा करती हैं. हमारे पास नल का पानी नहीं है, इसलिए हमारे पास कोई है जो हमारे लिए पानी लाता है. हम लोगों को पानी खरीदना पड़ता है. हफ्ते में हमे दो बार पानी मिलता है. ऐसे में नहाने के साथ अन्य कामों के लिए पानी की कमी रहती है. कोरोना वायरस की वजह से हम घर से नहीं निकल पा रहे हैं. इसलिए बड़ी कठिन से घर का खर्च निकल पाता है.

50 वर्षीय विक्टर एहिकामेनोर एक कलाकार व लेखक हैं. उनका बोलना है कोरोना वायरस के कारण जिंदगी बदल सी गई है. घर में प्रवेश करते ही गार्ड आपको हैंड सैनिटाइज़र देता है. जब आप अंदर पहुंचते हैं, तो हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग होता है. हम दुकानों से पीने का पानी खरीदते हैं व लॉकडाउन से पहले स्टॉक कर लेते हैं. स्नान व सफाई व उस सब के लिए, हमारे पास एक पंप है. घर व स्टूडियो के बीच, मैं हर महीने पानी पर 150 डॉलर का पानी खर्च करता हूं. मुझे लगता है आम आदमी के लिए इस समय पानी बड़ी आवश्यकता बनता जा रहा है. ऐसे में सरकार को कुछ कदम उठाने होंगे, जिससे लोगों को राहत मिल सके.