स्वीडन की पहली महिला पीएम ने नियुक्ति के कुछ घंटे बाद ही दिया इस्तीफा

स्वीडन की पहली महिला पीएम ने नियुक्ति के कुछ घंटे बाद ही दिया इस्तीफा

स्टॉकहोम: स्वीडन की सोशल डेमोक्रेट नेता को संसद द्वारा स्वीडन की पहली महिला पीएम के रूप में चुना गया था, लेकिन उन्हें चयन के तुरंत बाद इस्तीफा देना पड़ा. दरअसल ग्रीन पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.

रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पीएम चुने जाने के कुछ ही घंटों बाद, संसद (रिक्सडैग) ने विपक्ष के बजट प्रस्ताव को पारित कर दिया, जिससे एंडरसन के गठबंधन सहयोगी ग्रीन पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया. इसके बाद एंडरसन को अपने इस्तीफे की घोषणा करने के लिए विवश होना पड़ा. पीएम चुने जाने के लिए, उन्हें 349 सीटों वाले रिक्सडैग में उन्हें अधिकतर सांसदों की जरूरत थी.

एंडरसन को 117 का समर्थन प्राप्त था, लेकिन 174 उनके विरोधी थे, जिसमें 57 प्रतिनिधि अनुपस्थित थे. एक डिप्टी अनुपस्थित था. एंडरसन का चुनाव वामपंथी पार्टी के साथ 11 घंटे के समझौते के बाद हुआ था, जिसने सबसे गरीब 7,00,000 पेंशनभोगियों के लिए पेंशन में वृद्धि की मांग की. एंडरसन ने बोला कि वह विपक्ष के बजट के साथ देश का नेतृत्व कर सकती हैं, इसे केवल हल्की बदलावों की जरूरत है. हालांकि, ग्रीन पार्टी की राय अलग थी.


दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता

दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता

South Africa Omicron Variant: दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है. देश में शुक्रवार रात तक संक्रमण के 16,055 नए मामले सामने आ चुके थे और 25 संक्रमितों की मौत हो चुकी थी. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डीसीज (एनआईसीडी) की डॉक्टर वसीला जसत (Waasila Jassat) ने कहा, ‘हमने देखा कि पहले बच्चे कोविड महामारी से इतने प्रभावित नहीं हुए, बच्चों को अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत भी ज्यादातर नहीं पड़ी.’

उन्होंने कहा, ‘महामारी की तीसरी लहर में पांच साल से कम उम्र के अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती करवाए गए, 15 से 19 साल की आयु के किशारों को भी अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा है.’ जसत ने कहा, ‘अब चौथी लहर की शुरुआत में सभी आयुवर्गों में मामले तेजी से बढ़े हैं (Covid-19 Cases in Children) लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों में विशेष तौर पर मामले बढ़े.’ बच्चों में ये मामले ऐसे वक्त पर बढ़ रहे हैं, जब कोरोना वायरस का नया ओमीक्रॉन वेरिएंट तेजी से दक्षिण अफ्रीका में अपने पैर पसारता जा रहा है.

बुजुर्गों में मिल रहे ज्यादा केस

वसीला जसत ने कहा, ‘हालांकि, संक्रमण के मामले अब भी बच्चों में ही सबसे कम हैं. सर्वाधिक मामले 60 साल से अधिक आयु के लोगों में हैं और उसके बाद सबसे अधिक मामले पांच साल से कम उम्र के बच्चों में हैं. पांच से कम उम्र के बच्चों को अस्पतालों में भर्ती करने के मामले बढ़े हैं जबकि पहले ऐसा नहीं था.’ एनआईसीडी (NICD) के डॉक्टर माइकल ग्रूम ने कहा, ‘मामले बढ़ने को लेकर तैयारी के महत्व पर विशेष जोर देने की जरूरत है, जिसमें बच्चों के लिए बिस्तर और कर्मचारियों को बढ़ाया जाए.’

9 में से 7 प्रांतों में बढ़ी संक्रमण दर

स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के नौ प्रांतों में से सात में संक्रमण के मामले और संक्रमण की दर बढ़ रही है. इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने इस बात की जानकारी दी है कि कोरोना वायरस का ओमीक्रॉन वेरिएंट अब तक 38 देशों तक पहुंच गया है (Omicron Variant Cases). हालांकि उसे इससे होने वाली किसी मौत की सूचना नहीं मिली है. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में बताया है कि ओमीक्रॉन से डेल्टा या बीटा वेरिएंट की तुलना में दोबारा संक्रमण होने की संभावना तीन गुना अधिक है.