पतंजलि के स्वामित्व वाले दो टेलीविजन चैनल को नेपाल में क्लीन चिट

पतंजलि के स्वामित्व वाले दो टेलीविजन चैनल को नेपाल में क्लीन चिट

काठमांडू: नेपाल ने योग गुरु रामदेव के स्वामित्व वाले दो पतंजलि टेलीविजन स्टेशनों को क्लीन चिट दे दी है, जिन्हें हिमालयी देश में संचालित करने की योजना है, जब एक सरकारी जाँच दल ने पाया कि दोनों चैनल अभी तक देश में दर्ज़ नहीं हुए थे.

रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की उपस्थिति में, नेपाल के प्रधान मंत्री शेर बहादुर देउबा और प्रमुख नेपाली सियासी शख़्सियतों ने 19 नवंबर को काठमांडू में एक उत्सव के दौरान आस्था नेपाल और पतंजलि नेपाल नामक दो चैनलों का उद्घाटन किया. हालांकि, पतंजलि समूह के दो टेलीविजन का उद्घाटन चैनल विवादों से घिर गए थे क्योंकि हिमालयी देश ने अभी तक मीडिया क्षेत्र में विदेशी सहभागिता को स्वीकृति नहीं दी है.

20 नवंबर को, सूचना और संचार मंत्रालय के विभाग ने यह जाँच करने के लिए एक समिति नियुक्त कि की क्या दोनों पतंजलि टेलीविजन चैनल नेपाल में दर्ज़ हैं और उन्होंने अपना संचालन लाइसेंस कहाँ से प्राप्त किया है.

रिपोर्ट के अनुसार,पूरी जाँच के दौरान पता चला कि पतंजलि समूह ने प्रतीकात्मक रूप से टेलीविजन स्टेशन खोले थे और उन्होंने कोई उपकरण नहीं रखा था या लाइसेंस के लिए निवेदन भी नहीं किया था.


दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता

दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता

South Africa Omicron Variant: दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है. देश में शुक्रवार रात तक संक्रमण के 16,055 नए मामले सामने आ चुके थे और 25 संक्रमितों की मौत हो चुकी थी. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डीसीज (एनआईसीडी) की डॉक्टर वसीला जसत (Waasila Jassat) ने कहा, ‘हमने देखा कि पहले बच्चे कोविड महामारी से इतने प्रभावित नहीं हुए, बच्चों को अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत भी ज्यादातर नहीं पड़ी.’

उन्होंने कहा, ‘महामारी की तीसरी लहर में पांच साल से कम उम्र के अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती करवाए गए, 15 से 19 साल की आयु के किशारों को भी अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा है.’ जसत ने कहा, ‘अब चौथी लहर की शुरुआत में सभी आयुवर्गों में मामले तेजी से बढ़े हैं (Covid-19 Cases in Children) लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों में विशेष तौर पर मामले बढ़े.’ बच्चों में ये मामले ऐसे वक्त पर बढ़ रहे हैं, जब कोरोना वायरस का नया ओमीक्रॉन वेरिएंट तेजी से दक्षिण अफ्रीका में अपने पैर पसारता जा रहा है.

बुजुर्गों में मिल रहे ज्यादा केस

वसीला जसत ने कहा, ‘हालांकि, संक्रमण के मामले अब भी बच्चों में ही सबसे कम हैं. सर्वाधिक मामले 60 साल से अधिक आयु के लोगों में हैं और उसके बाद सबसे अधिक मामले पांच साल से कम उम्र के बच्चों में हैं. पांच से कम उम्र के बच्चों को अस्पतालों में भर्ती करने के मामले बढ़े हैं जबकि पहले ऐसा नहीं था.’ एनआईसीडी (NICD) के डॉक्टर माइकल ग्रूम ने कहा, ‘मामले बढ़ने को लेकर तैयारी के महत्व पर विशेष जोर देने की जरूरत है, जिसमें बच्चों के लिए बिस्तर और कर्मचारियों को बढ़ाया जाए.’

9 में से 7 प्रांतों में बढ़ी संक्रमण दर

स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के नौ प्रांतों में से सात में संक्रमण के मामले और संक्रमण की दर बढ़ रही है. इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने इस बात की जानकारी दी है कि कोरोना वायरस का ओमीक्रॉन वेरिएंट अब तक 38 देशों तक पहुंच गया है (Omicron Variant Cases). हालांकि उसे इससे होने वाली किसी मौत की सूचना नहीं मिली है. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में बताया है कि ओमीक्रॉन से डेल्टा या बीटा वेरिएंट की तुलना में दोबारा संक्रमण होने की संभावना तीन गुना अधिक है.