रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए रोज प्रातः काल गर्म पानी के साथ ले यह एक वस्तु

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए रोज प्रातः काल गर्म पानी के साथ ले यह एक वस्तु

सेहत को ठीक बनाये रखने के लिए हम तरह-तरह की चीजों का सेवन करते हैं। वैसे इन्ही में शामिल है काली मिर्च। इसका सेवन करने से खांसी और जुकाम की समस्या में आराम मिलता है। इसी के साथ ही शहद के साथ कालीमिर्च को चाटने से गले की खरास साफ होती है। बोला जाता है कालीमिर्च का प्रयोग शरीर को फिट रखेता है बल्कि खांसी और जुकाम जैसे रोगों से भी दूर रखता है। आप सभी को आज हम इसके अन्य फायदा बताने जा रहे हैं जो स्वास्थ्य को होते हैं। जी दरअसल काली मिर्च में पिपराइन मौजूद होती है और उसमें एंटी-डिप्रेसेंट के गुण होते है, जिस कारण काली मिर्च लोगों की टेंशन और डिप्रेशन को दूर करने में मदद करती है। इसी के साथ ध्यान रहे कि गर्मी को मौसम में कालीमिर्च का सेवन कम करना चाहिए।

काली मिर्च शरीर में वसा संचय को रोकती है व इसके अलावा, काली मिर्च आपके चयापचय में सुधार करके कैलोरीज के शमन में मदद कर सकती है। अगर आप आधा चम्मच कालीमिर्च के चूर्ण और एक चम्मच मिश्री को मिलाकर एक कप गुनगुने दूध के साथ दिन में तीन बार लेते हैं तो इससे सर्दी-जुकाम में लाभ होता है। इसी के साथ सोने से पहले 3-4 कालीमिर्च चबाकर उसके बाद गुनगुना दूध पीने से जुकाम में आराम मिलता है। कालीमिर्च व बताशे को पानी में उबालकर पीने से जुकाम अच्छा हो जाता है व तो व दिमाग भी हल्का होता है।

कालीमिर्च को पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से खांसी-जुकाम में आराम मिलता है। इसी के साथ गुड़ या शक्कर और दही के साथ छह ग्राम पीसी कालीमिर्च मिलाकर सुबह-शाम पांच दिनों तक लेने से बिगड़ा हुआ जुकाम अच्छा होने लगता है। चाय-दूध में काली मिर्च मिलाकर पीने से सर्दी से सीने में होने वाला दर्द अच्छा होता है। हर दिन प्रातः काल गर्म पानी के साथ काली मिर्च के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।