जानें स्नान करने के लिए किस तरह के पानी का करना चाहिए इस्तेमाल

जानें स्नान करने के लिए किस तरह के पानी का करना चाहिए इस्तेमाल

आयुर्वेद के अनुसार सर्दी में हल्के गुनगुने पानी से नहाने के कई फायदे होते हैं. लेकिन बुखार, सर्दी-जुकाम व सिर से जुड़ी बीमारियों में सिर पर से पानी डालकर स्नान का निषेध है. ज्यादा गर्म या ठंडे पानी से नहाने से भी नुकसान होता है.
गुनगुना पानी: हल्के गर्म पानी से नहाने पर मांसपेशियों को आराम मिलने से रिलेक्स महसूस होता है. शरीर का दर्द कम होता है. आग पर गर्म किए पानी से नहाने से फायदा मिलता है. गीजर के पानी से स्किन रूखी होती है. इलेक्ट्रिक रॉड से गर्म करने पर पानी की पीएच वैल्यू बदल जाती है.
ठंडा पानी : ठंडे पानी से नहाने से आलस्य नहीं आता है. बॉडी पेन कम होता है. लेकिन ठंडे पानी से केवल स्वस्थ व्यक्तियों को ही नहाना चाहिए. बच्चे, बुजुर्गों को ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए. इसमें ध्यान रखने वाली बात यह है कि सर्दी में केवल बहते हुए पानी जैसे हैंडपंप, नदी व बावड़ी के पानी से ही नहाना चाहिए. टंकियों में स्टोर किया पानी बहुत ठंडा हो जाता है. इससे नहाने से बचें.
डाक्टर अभिषेक उपाध्याय, आयुर्वेद विशेषज्ञ