जानिए कैसे, सीजन के असर से बदलती है मानसिक दशा

जानिए कैसे, सीजन के असर से बदलती है मानसिक दशा

कभी-कभी आप बिना बात के ही बेहद निराशा महसूस करते हैं या कभी बिना किसी वजह के ही बहुत खुश नजर आते हैं. आपने सोचा है, ऐसा क्यों होता है? इसे 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' कहते हैं यानी मौसम बदलेगा तो मूड भी बदलेगा. विशेषज्ञों के अनुसार एक मौसम के आदी हो चुके शरीर को दूसरे वातावरण के अनुकूल होने में समय लगता है व मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है. अत्यधिक नमी या आद्र्रता होने पर एकाग्रता कम होती है व आलस बढऩे लगता है. तापमान बढऩे पर चिंता बढ़ती है. वहीं, चटख व सुहानी धूप इंसान को आशावादी बनाती है.

विशेषज्ञ की राय -
मनोचिकित्सक के अनुसार 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' के कारण इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है. सर्दी या बरसात जैसे 'डल सीजन' आदमी को ज्यादा प्रभावित करते हैं. ऐसे में अच्छा साहित्य पढ़ें या संगीत सुनें या परिवार के सदस्यों के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं व हमेशा खुश रहने की प्रयास करें.