गले में खराशें, सूजन और दर्द एसआर हैं परेशान तो इलायची का करे इस्तेमाल

गले में खराशें, सूजन और दर्द एसआर हैं परेशान तो इलायची का करे इस्तेमाल

इलायची में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं, आमतौर पर इलायची दो तरह की होती है काली व हरी, काली को बड़ी व हरी को छोटी इलायची कहते हैं. स्वास्थ्य व स्वाद दोनों को ठीक बनाए रखने में इलायची बेहद उपयोगी है. छोटी व बड़ी दोनों इलायची के फायदे इस प्रकार हैं-

सुबह-शाम छोटी इलायची चबाने से गले में दर्द, खराश या अन्य समस्याओं में फायदा होता है. गले में सूजन हो तो मूली के रस में छोटी इलायची पीसकर लेने से आराम मिलेगा. गले में खराश है, तो प्रातः काल उठते समय व रात को सोते समय छोटी इलायची चबा-चबाकर खाएं व गुनगुना पानी पिएं, इससे राहत मिलेगी.
सर्दी-जुकाम, खांसी व छींकें आने पर छोटी इलायची के साथ अदरक का टुकड़ा, एक लौंग व तुलसी के पत्तों को पान में लपेटकर खा सकते हैं. इससे फायदा मिलेगा.

मुहं की दुर्गंध, किसी तरह का संक्रमण, अल्सर इन सब से इलायची बचाती है. सांसों में बदबू से बचने के लिए रोज इलायची खाएं.
पांच ग्राम बड़ी इलायची को आधा लीटर पानी में उबाल लें. एक चौथाई पानी रहने पर गुनगुना पिएं, इससे उल्टी आनी बंद हो जाएगी. यात्रा के दौरान बस में बैठने पर चक्कर आते हैं या जी घबराता है. इससे निजात पाने के लिए एक छोटी इलायची मुंह में रख लें.
मुंह के छालों के लिए पिसी इलायची को मिश्री के साथ मिलाकर ले सकते हैं. इस मिलावट के अतिरिक्त छोटी इलायची को थोड़ी देर मुंह में रखकर चूसने से भी चक्कर आने की समस्या में आराम मिलेगा.

इलायची के प्रकार -

हरी इलायची

बड़ी इलायची

काली इलायची

भूरी इलायची

नेपाली इलायची

बंगाल इलायची (लाल इलायची)