बेटियों के बहतर भविष्य के लिए करें इस योजना में निवेश, पाएं बेहतर ब्याज दर और टैक्स में छूट का लाभ

बेटियों के बहतर भविष्य के लिए करें इस योजना में निवेश, पाएं बेहतर ब्याज दर और टैक्स में छूट का लाभ

छोटी बचत योजनओं के तहत निवेश करने वालों के लिए इंडिया पोस्ट अपनी तरफ से नौ छोटी बचत योजनाओं की पेशकश करता है। डाकघर की इन स्मॉल सेविंग स्कीम में से एक स्कीम सुकन्या समृद्धि योजना भी है। डाकघर की इन स्कीम में, आप बेहद ही कम रकम से अपना डिपॉजिट शुरू कर सकते हैं। इसके साथ आपको अपने जमा पर बेहतर ब्याज दर के साथ सरकारी सुरक्षा भी हासिल होती है। इसके अलावा आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलता है। डाकघर की सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर 'बेटियों' के लिए बनाई गई है।

आप एक पिता के तौर पर भी आप अपनी बेटी को उसके बेहतर भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना का तोहफा दे सकते हैं। बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार के द्वारा साल 2014 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। आइये जानते हैं डाकघर की इस स्कीम के बारे में।

क्या है निवेश की रकम

डाकघर की सुकन्या समृद्धि योजना के तहत कोई भी व्यक्ति न्यूनतम 250 रुपये सालाना से निवेश शुरू कर सकता है। इस योजना में निवेश करने की अधिकतम रकम 1.5 लाख रुपये सालाना है। यदि आप अपनी बेटी के कम उम्र में ही इस योजना के तहत निवेश शुरू करते हैं तो आप इसमें 15 वर्षों तक निवेश कर सकते हैं।

कौन खोल सकता है खाता

इसके तहत 10 साल से कम उम्र की बालिका के नाम पर उसके अभिभावक की तरफ से खाता खोला जा सकता है। भारत में डाकघर या किसी भी बैंक में बालिकाओं के नाम पर केवल एक खाता खोला जा सकता है।


क्या है ब्याज दर

डाकघर की सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आपको 7.6 फीसद सालाना ब्याज का लाभ हासिल होता है। ब्याज प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जमा किया जाएगा। इस योजना के तहत हासिल ब्याज आयकर अधिनियम के तहत कर मुक्त है।


टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आई गिरावट, Reliance, TCS, और HUL को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आई गिरावट, Reliance, TCS, और HUL को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

भारत की टॉप 10 में से टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में पिछले सप्ताह गिरावट देखने को मिली। टॉप-5 कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन पिछले सप्ताह 1,42,880.11 करोड़ रुपये घट गया, जिसमें Hindustan Unilever, Reliance Industries and Tata Consultancy Services को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

Hindustan Unilever Ltd (HUL) का बाजार मूल्यांकन 45,523.33 करोड़ रुपये घटकर 5,76,836.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, Reliance Industries Ltd (RIL) का बाजार मूल्यांकन 45,126.6 करोड़ रुपये घटकर 16,66,427.95 करोड़ रुपये का रह गया। Tata Consultancy Services (TCS) का बाजार मूल्यांकन 41,151.94 करोड़ रुपये घटकर 12,94,686.48 करोड़ रुपये रह गया।


इसके अलावा Bajaj Finance का बाजार मूल्यांकन (M-cap) 8,890.95 करोड़ रुपये गिरकर 4,65,576.46 करोड़ रुपये का रह गया। जबकि, HDFC बैंक लिमिटेड के बाजार मूल्यांकन में 2,187.29 करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली और इसका बाजार मूल्यांकन 9,31,371.72 करोड़ रुपये पर आ गया।

इन कंपनियों के अलावा बाकी की कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में बढ़त देखने को मिली। इसमें Kotak Mahindra Bank ने 30,747.78 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे उसका मूल्यांकन 4,30,558.09 करोड़ रुपये हो गया। ICICI Bank का बाजार मूल्यांकन 22,248.14 करोड़ रुपये बढ़कर 5,26,497.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


HDFC का मूल्यांकन 17,015.22 करोड़ रुपये बढ़कर 5,24,877.06 करोड़ रुपये का हो गया। State Bank of India का बाजार मूल्यांकन 11,111.14 करोड़ रुपये बढ़कर 4,48,863.34 करोड़ रुपये का हो गया। वहीं, Infosys ने 1,717.96 करोड़ रुपये जोड़े और इसका मूल्यांकन 7,29,410.37 करोड़ रुपये हो गया।

इसके अलावा पिछले हफ्ते बीएसई के 30 शेयरों वाले बेंचमार्क सेंसेक्स में 484.33 अंक या 0.79 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स के साथ निफ्टी में भी शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली थी।

शीर्ष -10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में, रिलायंस ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। उसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक का नंबर आता है।