छपरा में नेहा की मौत मामले में आया नया मोड़, मां ने कहा...

छपरा में नेहा की मौत मामले में आया नया मोड़, मां ने कहा...

शहर के पुरानी गुड़हट्टी मोहल्ला निवासी रोहित चांदगोठिया की पत्नी नेहा चांदगोठिया की सोमवार की सुबह हुई मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है । पहले बताया गया कि नेहा की मौत छत से गिर कर गंभीर रूप से घायल होने की वजह से हो गई। लेकिन सोमवार को ही देर रात वाराणसी से छपरा पहुंचे नेहा के मायके वालों ने इसे दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर हत्या करने का मामला बताया।

 2019 में हुई थी शादी

वाराणसी जिले के लक्सा थाना क्षेत्र अंतर्गत लहोरी टोला ज्ञानेश्वर भवन निवासी नेहा की मां स्व राजकुमार जालुका की पत्नी माया जालुका की शिकायत पर नगर थाना में दहेज के लिए हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। नगर थाना पुलिस को दिए शिकायती आवेदन में नेहा की मां माया जालुका ने बताया है कि 2 वर्ष पहले 12 दिसंबर, 2019 को नेहा की शादी छपरा पुरानी गुड़हट्टी निवासी  बालकृष्ण चांदगोठिया के पुत्र रोहित चांदगोठिया के साथ हुई। शादी के बाद से ही नेहा के पति रोहित एवं ससुराल वाले दहेज में रुपये की मांग करने लगे। मैं गरीब विधवा उनकी मांग पूरी करने में असमर्थ थी।


मेरी बेटी की हत्या की गई

इससे आक्रोशित होकर रोहित चांदगोठिया एवं उसके परिवार वाले नेहा के साथ अक्सर मारपीट किया करते थे। नेहा इसकी जानकारी फोन पर देती थी। मारपीट की वजह से दो बार उसका गर्भपात भी हुआ। 13 सितंबर की सुबह 9:00 बजे नेहा ने फोन किया । वह काफी घबराई हुई लग रही थी और रोते हुए उसने कहा कि मम्मी हमें यहां से ले चलो । फिर 10:45 बजे दामाद रोहित ने फोन कर बताया कि आपकी बेटी की मौत हो गई है। मृतका की मां ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए मामले की जांच करने का आग्रह किया है। माया जालुका की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर नगर थाना पुलिस घटना की तहकीकात कर रही है। 


वाह रे पटना पुलिस, बहस करना पड़ा भारी; कार में बैठीं रही महिलाएं और बच्‍ची, क्रेन से उठवा ली गाड़ी

वाह रे पटना पुलिस, बहस करना पड़ा भारी; कार में बैठीं रही महिलाएं और बच्‍ची, क्रेन से उठवा ली गाड़ी

पटना पुलिस आपकी सेवा में.. य‍े बातें पुलिस की हर गाड़ी पर लिखी होती हैं। लेकिन पुलिस के कुछ लोग इन सिद्धांतों को भूल जाते हैं। वे तो यह भी भूल जाते हैं कि उनके आला अधिकारी ने क्‍या निर्देश दे रखा है। पटना के बोरिंग रोड इलाके में पुलिस ने ऐसा किया जो शर्मसार करने जैसा है। गुरुवार को नो पार्किंग जोन में खड़ी एक कार को पुलिस ने क्रेन से उठवा लिया। इतना तक तो ठीक था लेकिन इसमें अमानवीय पहलू यह कि उसमें उस वक्‍त दो महिलाएं और एक नन्‍हीं बच्‍ची बैठी थीं। 

कार की पिछली सीट पर बैठी थीं दो महिलाएं व एक बच्‍ची 

बताया जाता है कि बोरिंग रोड इलाके में कुमार टावर के सामने नो पा‍र्किंग एरिया में एक कार लगी थी। ट्रैफिक पुलिस उस दौरान ही अभियान चला रही थी। इसी क्रम में पुलिस की नजर उस कार पर पड़ी जो नाे पार्किंग एरिया में लगी थी। पुलिस ने पहले कार वहां से हटाने का अनुरोध किया। लेकिन बताया जाता है कि कार मालिक पुलिस वाले से उलझ गए। और कार से नीचे उतर गए। कार की पिछली सीट पर दो महिलाएं और एक बच्‍ची बैठी थी। पुलिस वाले ने भी आव देखा न ताव, क्रेन चालक से कार उठवा दिया। कार के अगले हिस्‍से में हैंगर लगाकर चालक ने कार उठा लिया।  इस संबंध में पूछने पर ट्रैफिक एसपी अमरकेश डी ने बताया कि कार की वजह से वहां पर जाम की स्थिति हो रही थी। झगड़ा न कर कार मालिक को पुलिस को सहयोग करना चाहिए था। लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया। यदि कार को सड़क से नहीं हटाया जाता तो भारी जाम लग जाता। 


ट्रैफिक आइजी ने एक सप्‍ताह पूर्व ही लिखा था पत्र

बिहार के ट्रैफिक आइजी एमआर नायक (Traffic IG MR Nayak) ने करीब सप्‍ताह भर पहले ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर निर्देश जारी किया था। कहा था कि ट्रैफिक पुलिस आम लोगों से अच्‍छ व्‍यवहार नहीं कर रही है। इस कारण से आम लोगों में क्षोभ है। इस कारण विधि व्‍यवस्‍था की समस्‍या की उत्‍पन्‍न होने की आशंका उन्‍होंने जताई थी। कहा था कि उन्‍हें विभिन्‍न स्‍तरों से ट्रैफिक पुलिस की शिकायतें मिलती रहती हैं। सभी जिले को भेजे गए पत्र में ट्रै‍फिक आइजी ने लिखा कि वाहन चेकिंग के दौरान धैर्य का परिचय दें। आमलोगों को संतुष्‍ट करते हुए एमवी एक्‍ट के अनुरूप कार्रवाई करें। उन्‍होंने एसपी को निर्देश दिया था कि ड्यूटी पर जाने से पहले यातायात पुलिस कर्मी व अधिकारियों को ब्रीफ जरूर करें कि आम जन से कैसा व्‍यवहार करना है।