बिहार की बेटी ममता को मिलेगा राष्ट्रीय सेवा योजना अवार्ड, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे सम्मानित

बिहार की बेटी ममता को मिलेगा राष्ट्रीय सेवा योजना अवार्ड, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे सम्मानित

छपरा की बेटी ने एक बार फिर से बिहार का नाम ऊंचा किया है। जिले की बिटिया व जेपी विश्वविद्यालय के स्थानीय जेपीएम कालेज की छात्रा ममता कुमारी का चयन प्रतिष्ठित राष्टीय  सेवा योजना अवार्ड  (2019-2020) के लिए हुआ है। शहर के जटाई पोखरा (44 नंबर ढाला के पास) निवासी रघुनाथ चौधरी व गृहिणी निर्मला देवी की पुत्री को भारत सरकार के युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। पूरे देश से 41 कैडेटों का चयन इस पुरस्कार के लिए हुआ है। ममता  के अलावा राज्य के मगध विश्वविद्यालय  के गया कालेज गया के कैडेट विशाल राज भी इस पुरस्कार से नवाजे जायेंगे।

जेपीएम  कालेज में स्नातक  की छात्रा है ममता 

जयप्रकाश महिला कालेज के पार्ट थ्री साइकोलाजी आनर्स की छात्रा ममता को एनएसएस अवार्ड के रूप में प्रमाणपत्र, सिल्वर ट्राफी और 50 हजार रुपये नकद मिलेंगे। 27 सितंबर (राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस)  को राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ममता को सम्मानित करेंगे। खेल मंत्रालय की वेबसाइट पर शुक्रवार को चयन संबंधी जानकारी दी गई है।


 सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है 

जेपी विश्वविद्यालय के एनएसएस कोआर्डिनेटर डा. हरिश्चंद्र ने बताया कि रक्तदान व इसकी जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक करने, मतदाता जागरूकता अभियान, दलित बस्ती में स्वच्छता अभियान, एड्स जागरूकता अभियान, महिला सशक्तिकरण ,कोरोना का में समाज सेवा एनएसएस के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी को लेकर ममता का चयन किया गया। जेपी विवि को गौरवान्वित करने पर कुलपति  प्रो.(डा ) फारूक अली, प्रतिकुलपति प्रो.(डा.) लक्ष्मी नारायण सिंह, कुलसचिव डा.रविप्रकाश बबलू , जेपीएम की  प्राचार्या डा.मधुप्रभा सिंह, कार्यक्रम पदाधिकारी,डा.अलीना अली,शिक्षिका डा. रेखा श्रीवास्तव जेपीयू के पूर्व एनएसएस के समन्वयक डा. विद्यावाचस्पति त्रिपाठी ने बधाई दी है।


जेपीविवि के सातवीं कैडेट को मिला यह है अवार्ड

जेपी विश्वविद्यालय के सातवीं कैडेट ममता कुमारी को यह उपलब्धि मिली है। राष्ट्रीय स्तर के राष्ट्रीय सेवा योजना अवार्ड इसके पूर्व छह एनएसएस कैडेट को मिल चुका है। जेपीयू  में सबसे पहले वर्ष 2008 में राजेन्द्र कालेज के छात्र जहागीर को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया था। उसके पांच साल बाद 2013 में राजेन्द्र कालेज के ही छात्र प्रवीण कुमार, 2014 में राजेन्द्र कालेज की छात्रा रितु राज ,2015 में जगदम कालेज के छात्र मंटू कुमार यादव ने अवार्ड हासिल कर विवि को राष्ट्रीय मानचित्र पर ला दिया। 2016 में जेपीएम की छात्रा प्रीति कुमारी,2018 में  जगदम कालेज की छात्रा कुमारी अनिषा एवं 2020 में जय प्रकाश महिला कालेज की छात्रा ममता कुमारी ने कामयाबी की इबारत जारी रखा है।


समस्तीपुर में नामांकन के दौरान रुपये बांट रहे निवर्तमान मुखिया का वीडियो वायरल

समस्तीपुर में नामांकन के दौरान रुपये बांट रहे निवर्तमान मुखिया का वीडियो वायरल

पटोरी प्रखंड कार्यालय परिसर में एक निवर्तमान मुखिया के द्वारा नामांकन के पश्चात सरकारी कर्मी और पुलिसकर्मियों के बीच रुपये बांटने का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे काफी तेजी से शेयर किया जा रहा है तथा कई प्रकार के कमेंट्स भी आ रहे हैं। हालांकि दैनिक जागरण इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है किंतु इसकी शिकायत पटोरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह निर्वाचन अधिकारी को लिखित रूप से मिली है। शिकायत मिलने के पश्चात प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इस मामले की छानबीन का जिम्मा पटोरी के सीओ सह नोडल पदाधिकारी विकास कुमार को सौंप दिया है।


वायरल वीडियो में स्पष्ट दिखाया गया है कि पटोरी प्रखंड के हरपुर सैदाबाद के निवर्तमान मुखिया अवधेश राय नामांकन के पश्चात प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित मंदिर में पूजा अर्चना के पश्चात पुलिस और सरकारी कर्मियों तथा वहां मौजूद लोगों के बीच 500 रुपए के नोट बांटते नजर आ रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर पटोरी के अंचल पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया की वायरल वीडियो तथा मिली शिकायत के पश्चात अभ्यर्थी के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन की प्राथमिकी पटोरी थाने में दर्ज कराई गई है।

 
बिना नामांकन कराए बैरंग लौटी महिला मुखिया प्रत्याशी

वारिसनगर। प्रखंड में शनिवार से शुरू हुए नामांकन प्रक्रिया में तब अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। जब मोहिउद्दीनपुर पंचायत से नामांकन करने आयी एक महिला प्रत्याशी को प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार वर्मा ने बिना नामांकन कराए बैरंग वापस कर दिया। उनका बताना था कि उक्त पंचायत से अंशु कुमारी पति आशीष आनंद मुखिया पद से नामांकन करने आयी थी। परंतु उनके द्वारा प्रस्तुत कागजात में जन्मतिथि 30 अगस्त 2001 होने पर निर्वाचन के लिए तय उम्र सीमा 21 वर्ष की अहर्ता पूर्ण नही करने के कारण उसके नामांकन पत्र को वापस कर दिया गया। बताया गया कि बीडीओ ने कहा कि उम्र 20 साल ही पूरा हो रहा है। ऐसे में नामांकन के बाद भी वह रद हो जाएगा। इस पर प्रत्याशी बिना नामांकन किए हुए वापस लौट गई।