चौकाने वाला खुलासाः कोठी के विवाद में जहर देकर की गई थी एडवोकेट कुलबीर चौहान की हत्या

चौकाने वाला खुलासाः कोठी के विवाद में जहर देकर की गई थी एडवोकेट कुलबीर चौहान की हत्या

खरड़ की गिल्को वैली सोसाइटी में रहने वाले 40 वर्षीय एडवोकेट कुलबीर चौहान की हत्या चंडीगढ़ सेक्टर-18 स्थित कोठी नंबर 559 के विवाद में जहर देकर की गई थी। एडवोकेट की हत्या के आरोप में पुलिस ने सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। एडवोकेट का शव कार समेत बीते रविवार दोपहर 12 बजे मोरिंडा के पास भाखड़ा नहर में मिला था। एडवोकेट कुलबीर चौहान का चंडीगढ़ सेक्टर-22 में दफ्तर है। सोमवार को कुलबीर सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

एसएसपी रोपड़ अखिल चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि एडवोकेट कुलबीर चौहान के छोटे भाई गुरजंट सिंह निवासी डेराबस्सी ने अपने भाई के लापता होने की शिकायत  पुलिस को दी थी। गुरजंट सिंह ने शिकायत में कहा है कि आयकर वकील कुलबीर सिंह ने 31 जुलाई को परिवार से कहा था कि वह कोठी के संबंध में बात करने के लिए मोरिंडा के गांव घनौरी जा रहे हैं। कुलबीर सिंह घनौरी में गुरमेल सिंह और राजविंदर सिंह से मिलने गए थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हत्या करने बाद आरोपी कुलबीर चौहान की गाड़ी में ही उनका शव घनौरी से चंडीगढ़ सेक्टर-22 स्थित उनके दफ्तर के नीचे लेकर पहुंचे। यहां गाड़ी समेत शव को छोड़कर आरोपी चले गए ताकि लगे कि कुलबीर ने दफ्तर के नीचे जहर खाकर सुसाइड किया है, लेकिन एक घंटे बाद जब उन्हें पकड़े जाने का डर लगा तो वापस कार व शव को नहर में फेंकने की योजना बनाई। एसएसपी ने बताया कि गुरमेल सिंह और राजविंदर सिंह से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने कुलबीर चौहान को कार समेत भाखड़ा नहर में फेंक दिया है। उनकी निशानदेही पर कार और शव को मोरिंडा के पास भाखड़ा नहर से बरामद किया गया। दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया गया है, जबकि भापा नामक व्यक्ति की तलाश जारी है। हत्या को सुसाइड दिखाने के लिए शव और कार को भट्टा साहिब गुरुद्वारा के पास भाखड़ा नहर में फेंक दिया था।

अमेरिका निवासी से हुआ था कोठी का सौदा
पुलिस को दिए बयान में एडवोकेट गुरजंट सिंह ने बताया कि बड़े भाई कुलबीर चौहान ने अमेरिका निवासी एक व्यक्ति से चंडीगढ़ सेक्टर-18 में एक कोठी का सौदा किया था। इस कोठी को लेकर जरनैल सिंह, मेजर सिंह निवासी गांव घनौरी जिला रूपनगर व एक अन्य के साथ खरड़ अदालत में सिविल केस चल रहा है। बीते 31 जुलाई को कुलबीर सिंह को कोठी का विवाद सुलझाने के लिए गांव में बुलाया था। वह ऑडी कार से भापा नामक व्यक्ति के साथ घर से निकले थे।  

गुमराह करने के लिए मोबाइल नहीं किया स्विच ऑफ
आरोपियों ने परिवार व पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल को स्विच ऑफ नहीं किया था। मोबाइल की लोकेशन चंडीगढ़, कभी कुरुक्षेत्र और करनाल की आ रही थी, जिससे परिवार और पुलिस गुमराह होती रही। इसके बाद गूगल मैप खंगाला गया। मृतक के भाई ने अंतिम लोकेशन गांव घनौली की सर्च की थी, जहां से सामने आया कि कुलबीर चौहान वहां गए थे। इसके बाद फोन नहीं उठाया।