दुनिया का सबसे अजूबा झील, जहां पेड़ पानी में उल्टे उगते हैं...OMG!

दुनिया का सबसे अजूबा झील, जहां पेड़ पानी में उल्टे उगते हैं...OMG!

दोस्तो, हम आपको एक ऐसी झील के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पेड़ जमीन पर नहीं, बल्कि पानी में उगते हैं, वह भी उल्टे! कजाकिस्तान स्थित लेक कैंडी नाम से मशहूर यह झील किसी अजूबे से कम नहीं है।

ऊपर से यह एक खूबसूरत झील की तरह ही दिखती है, लेकिन करीब जाने पर देखेंगे कि सतह से बाहर अजीब लकड़ी के खंभे निकले हैं। असल में ये पेड़ों के हिस्से हैं। इसके बाकी हिस्से पानी के नीचे डूबे हुए होते हैं यानी पानी के भीतर ये पेड़ एक पूरे जंगल के रूप में मौजूद हैं।

भूकंप की वजह बनी ऐसी झील

बताया जाता है कि 1911 में आए एक भूकंप की वजह से ऐसा हुआ। भूकंप के कारण हुए भूस्खलन से पूरे इलाके में उथल-पुथल हो गया और इन पेड़ों के गिरने से एक प्रकृतिक बांध बन गया। लगभग एक शताब्दी तक बारिश ने इस पूरे क्षेत्र को पानी से भर दिया और यहां मौजूद जंगल इस बारिश के पानी में डूब गए। धीरे-धीरे इसने एक झील की शक्ल ले ली और फिर कैंडी झील अस्तित्व में आई।

पानी के नीचे जंगल

पेड़ों का ऊपरी यानी पत्तियों और शाखाओं वाला हिस्सा पानी के नीचे होने की वजह से उसी तरह से संरक्षित हो गया और पानी के नीचे एक जंगल बन गया। लेक कैंडी समुद्र तल से लगभग 2,000 मीटर ऊपर स्थित है।

पेड़ों के लिए एक रेफ्रिजरेटर

इसका पानी काफी ठंडा है, इतना ठंडा कि यह पेड़ों के लिए एक बड़े रेफ्रिजरेटर की तरह काम करता है। यह झील कजाकिस्तान के सबसे बड़े शहर अल्माटी से महज 80 मील की दूरी पर है।

प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में मिली है पहचान

हाल के वर्षों में कजाकिस्तान की लेक कैंडी विश्व के पर्यटकों के लिए एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है। सर्दी के मौसम में यह झील आइस डाइविंग और मछली पकड़ने के लिए भी जानी जाती है।


यहां की महिलाओं को रीति-रिवाज के नाम पर पुरूषों से मार खाने में आता हैं मजा

यहां की महिलाओं को रीति-रिवाज के नाम पर पुरूषों से मार खाने में आता हैं मजा
दुनिया की कुछ परंपराएं बेहद अजीबो-गरीब हैं। खास तौर से आदिवासियों और पिछड़ी जनजातियों की। जब आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ी रस्मों-रिवाजों की बात करते हैं तो यहां कई रोचक बातें निकलकर सामने आती हैं। आज बात करते हैं इथोपिया की ऐसी जनजाति की, जहां महिलाएं पिटने पर करती हैं गर्व का अनुभव।

जानकारी के मुताबिक ये हैमर जनजाति के लोग काफी अलग हैं, इनकी परंपराएं और रीति-रिवाज काफी हैरान करने वाले हैं। इथोपिया की यह हैमर जनजाति तेजी से विलुप्त हो रही है।

हैमर जाति के लोग कैटल जंपिंग सेरेमनी मनाते हैं ये उनका एक खास तरह का समारोह होता है। इस समारोह में 15 गायों को एक साथ खड़ा कर दिया जाता है और एक युवक उसे कूदते हुए पार करता है। यदि कोई लड़का इसमें फेल हो गया तो उसकी शादी नहीं होती साथ ही औरतों का एक समूह उसे जमकर पीटता है। इसके बाद उस लड़के के घर की सभी औरतों को पीटा जाता है।

यह पिटाई तब तक होती है जब तक औरतों के शरीर से खून न निकल आए। महिलाओं को मारने के लिए पुरुषों का एक संगठन होता है जिसे ‘माजा’ कहते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में कोई भी महिला भागती नहीं है। यही नहीं जो महिलाएं मार खाने से बच जाती हैं वह ‘माजा’ समूह से मार खाने की विनती करती हैं।

वैसे यह मार खाने वाली रस्म सिर्फ समारोह तक सीमित नहीं है। इन महिलाओं को तब तक मारा जाता है जब तक उनके दो बच्चे न हो जाएं। हैमर जाति के लोग इसे गलत नहीं मानते हैं। महिलाओं का कहना है कि मार खाने से उनको हिम्मत मिलती है और साथ ही वह मजबूती से आगे आकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकती हैं।