2022 तक लॉन्च होगी Renault की मेड-इन- इंडिया Kwid इलेक्ट्रिक, एक बारी में चलेगी 250 km

2022 तक लॉन्च होगी Renault की मेड-इन- इंडिया Kwid इलेक्ट्रिक, एक बारी में चलेगी 250 km

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क. भारतीय मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर तेजी से फोकस किया जा रहा है. ऐसे में Renault ने भी घोषणा कर दी है कि वह अपनी मेड-इन- इंडिया इलेक्ट्रिक कार को हिंदुस्तान में 2022 तक लॉन्च कर देगी. हालांकि, उसकी पहली इलेक्ट्रिक कार कौनसी होगी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि उसकी पहली इलेक्ट्रिक कार Kwid आधारित K-ZE होगी, जो कि CMF-A प्लेटफॉर्म पर बनाई जाएगी.

Renault इस वक्त CMF-A प्लेटफॉर्म पर अपनी पहली जनरेशन Kwid को भी बना रही है. इतना ही नहीं Renault Triber की ट्राइबर को भी लोकल रूप से इसी प्लेटफॉर्म पर बनाया जा रहा है. Renault की इलेक्ट्रिक कार लोकल रूप से ज्यादा निर्मित की जाएगी व यह Kwid साइज के मॉडल पर होगी. हमें उम्मीद है कि यह अगली जनरेशन Kwid के साथ आए जो कि एक इलेक्ट्रिक वाहन होगी.

Kwid को सबसे पहले हिंदुस्तान में वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था व इसके बाद कंपनी ने इसे मिडलाइफ फेसलिफ्ट 2019 में दिया. हालांकि, इसका नया जनरेशन मॉडल आना बाकी है. नयी जनरेशन Kwid के साथ ही रेनो अपनी इलेक्ट्रिक वेरिएंट क्विड को भी इसी जनरेशन पर उतार सकती है. ऐसा भी माना जा रहा है कि कंपनी अपनी नयी मौजूदा Kwid को इलेक्ट्रिक वेरिएंट में भी उतार सकती है, जो कि K-ZE नाम से चाइना के बाजारों में बेची जा रही है. Renault K-ZE को कंपनी ने ऑटो एक्सपो 2020 के दौरान भी पेश किया है.

हालांकि, अगली जनरेशन क्विड इलेक्ट्रिक अगर आती है तो कंपनी इसके रेंज में थोड़ा सुधार कर सकती है. मौजूदा क्विड इलेक्ट्रिक में 26.8kWh की लीथियम आयन बैटरी दी गई है जो कि सिंगल चार्ज पर 271 km (NEDC टेस्ट साइकल) तक का रेंज देती है. K-ZE की इलेक्ट्रिक मोटर 44PS की क्षमता व 125 Nm का टॉर्क जनरेट करती है. इसकी बैटरी फास्ट चार्ज के जरिए भी चार्ज होती है व 30 से 80 फीसद चार्ज होने में यह 30 मिनट का समय लेती है. वहीं, AC फास्ट चार्जर 6.6 kWh के जरिए यह फुल चार्ज होने में 4 घंटे का समय लेती है. नयी मेड-इन- इंडिया EV को बेहतर इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के लिए सुधारा जाएगा व भारतीय मार्केट के लिए यह सिंगल चार्ज पर 250 km तक चल सकेगी. इसकी अनुमानित मूल्य 10 लाख रुपये से कम मानी जा रही है.