सनकी व्यक्ति ने प्रेमिका समेत 3 को उतारा मृत्यु के घाट, बहन गंभीर रूप से घायल

सनकी व्यक्ति ने प्रेमिका समेत 3 को उतारा मृत्यु के घाट, बहन गंभीर रूप से घायल

बुधवार की देर शाम नगर कोतवाली क्षेत्र के इमलिया गुरदयाल गांव में एक तरफा प्रेम में व्यक्ति ने घटना को अंजाम देने के बाद बाइक से फरार हो गया. मृतक प्रेमिका की भाभी ने लक्ष्मी ने बताया कि करीब डेढ़ वर्षो से एक लड़का मेरी ननद शिल्पा देवी को बहुत ज्यादा परेशान करता था. वह उससे जबरन विवाह करना चाहता था. लेकिन इधर हमारे सास और ससुर ने दूसरी स्थान ननद की विवाह तय कर दी. जिससे वह व्यक्ति बहुत ज्यादा नाराज था. बुधवार की प्रातः काल से ही फोन कर रहा था. शाम को आया मोटरसाइकिल से हेलमेट लगाकर उतरा और सीधे छत पर चला गया. वहां पर उसने चाकू और बंदूक लेकर आया था उससे हमला कर मेरे ससुर सास ननंद और छोटी ननंद को मार दिया.

 जब वह मार रहा था. इसी बीच सास ने फोन कर बताया कि अपने घर का दरवाजा बंद भैया को बचा लो. मैंने अंदर से अपने घर का चैनल बंद कर लिया. वह मारने के बाद फिर बाइक से चला गया. जिससे मेरे ससुर देवीप्रसाद 65 साल पार्वती देवी 55 साल शिल्पा 25 साल की मृत्यु हो गई. जबकि उसकी छोटी बहन उपासना गंभीर रूप से घायल है. जिसका उपचार हॉस्पिटल में चल रहा है. देवीपाटन मंडल के डीआईजी ने बताया अभी जो जानकारी मिली है. उसके अनुसार यह प्रेम प्रसंग का केस है. सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई है. जाँच की जा रही है. पता चला है एक लड़का जो विवाह करना चाहता था. उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है. इसमें 3 लोगों की मृत्यु हो गई है. जबकि एक लड़की घायल है. उसको बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रिफर किया जा रहा. इसमें कई टीमों को लगाकर गहनता से जाँच की जा रही है. आगे जो भी जानकारी मिलेगी उसे साझा किया जाएगा.

हत्यारोपी व्यक्ति पर पुलिस ने घोषित किया 50 हजार का पुरस्कार

पुलिस ने घटना का खुलासा करने के लिए मर्डर आरोपी व्यक्ति अशोक कुमार पुत्र राम हेतु की फोटो जारी करते हुए 50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया है. जानकारी देने वाले आदमी को यह रकम दी जाएगी. आरोपी उन्नाव जनपद के थाना थाना बीघापुर धानीखेड़ा का रहने वाला है.


यहां की महिलाओं को रीति-रिवाज के नाम पर पुरूषों से मार खाने में आता हैं मजा

यहां की महिलाओं को रीति-रिवाज के नाम पर पुरूषों से मार खाने में आता हैं मजा
दुनिया की कुछ परंपराएं बेहद अजीबो-गरीब हैं। खास तौर से आदिवासियों और पिछड़ी जनजातियों की। जब आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ी रस्मों-रिवाजों की बात करते हैं तो यहां कई रोचक बातें निकलकर सामने आती हैं। आज बात करते हैं इथोपिया की ऐसी जनजाति की, जहां महिलाएं पिटने पर करती हैं गर्व का अनुभव।

जानकारी के मुताबिक ये हैमर जनजाति के लोग काफी अलग हैं, इनकी परंपराएं और रीति-रिवाज काफी हैरान करने वाले हैं। इथोपिया की यह हैमर जनजाति तेजी से विलुप्त हो रही है।

हैमर जाति के लोग कैटल जंपिंग सेरेमनी मनाते हैं ये उनका एक खास तरह का समारोह होता है। इस समारोह में 15 गायों को एक साथ खड़ा कर दिया जाता है और एक युवक उसे कूदते हुए पार करता है। यदि कोई लड़का इसमें फेल हो गया तो उसकी शादी नहीं होती साथ ही औरतों का एक समूह उसे जमकर पीटता है। इसके बाद उस लड़के के घर की सभी औरतों को पीटा जाता है।

यह पिटाई तब तक होती है जब तक औरतों के शरीर से खून न निकल आए। महिलाओं को मारने के लिए पुरुषों का एक संगठन होता है जिसे ‘माजा’ कहते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में कोई भी महिला भागती नहीं है। यही नहीं जो महिलाएं मार खाने से बच जाती हैं वह ‘माजा’ समूह से मार खाने की विनती करती हैं।

वैसे यह मार खाने वाली रस्म सिर्फ समारोह तक सीमित नहीं है। इन महिलाओं को तब तक मारा जाता है जब तक उनके दो बच्चे न हो जाएं। हैमर जाति के लोग इसे गलत नहीं मानते हैं। महिलाओं का कहना है कि मार खाने से उनको हिम्मत मिलती है और साथ ही वह मजबूती से आगे आकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकती हैं।