'पापा आप ठीक थे' लिखकर बेटी ने लगा ली फांसी

'पापा आप ठीक थे' लिखकर बेटी ने लगा ली फांसी

कोच्चि: केरल (Kerala) के इदायापुरम (Edayapuram) से एक चौकाने वाला केस सामने आया है. जी दरअसल यहाँ 21 वर्ष की एक लॉ स्टूडेंट (Law Student) मोफिया परवीन दिलशाद (Mofiya Parveen Dilshad) ने सुसाइड कर ली है. बताया जा रहा है मोफिया ने अपने पीछे एक सुसाइड लेटर भी छोड़ा है. इस लेटर में लिखा है, 'पापा, आप ठीक थे. वो अच्छा आदमी नहीं था.'

आप सभी को बता दें कि सुसाइड नोट में मोफिया ने अपने पति मुहम्मद सुहैल (Muhammad Suhail), अपने ससुर यूसुफ (Yusuf) और अपनी सास रूखिया (Rukhiya) को अपनी मृत्यु का उत्तरदायी ठहराया है. एक प्रसिद्ध वेबसाइट को माने तो मृतक महिला मोफिया के पिता ने बताया कि, 'उनकी बेटी ने अपने कमरे में लगे सीलिंग फैन से लटक कर खुदकुशी कर ली.' आगे उन्होंने बताया उनकी बेटी को उसके ससुराल में बहुत टॉर्चर किया गया लेकिन उसकी कम्पलेन पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इस मुद्दे में मोफिया के पिता का बोलना है कि कुछ दिन पहले मोफिया ने अलुवा के एसपी से कम्पलेन भी की थी और उसके बाद उन्होंने अलुवा पुलिस स्टेशन को कार्रवाई के आदेश दिए थे. आदेश मिलने के बाद अलुवा के सर्किल इंस्पेक्टर सीएल सुधीर ने दोनों पक्षों को पुलिस स्टेशन में बुलाया था.

उसके बाद अलुवा पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर सीएल सुधीर ने मोफिया के पति मुहम्मद सुहैल और उसके परिजनों का पक्ष लिया और ऐसा होने से मोफिया निराश हो गई और बाद में उसने फांसी लगा ली. इस मुद्दे में मिली जानकारी के अनुसार मोफिया और मुहम्मद सुहैल की मुलाकात फेसबुक के जरिए हुई थी. कुछ दिनों तक दोनों लगातार बात करते रहे और फिर दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया. उसके बाद दोनों ने इसी वर्ष अप्रैल में दोनों ने विवाह कर ली थी.


यहां की महिलाओं को रीति-रिवाज के नाम पर पुरूषों से मार खाने में आता हैं मजा

यहां की महिलाओं को रीति-रिवाज के नाम पर पुरूषों से मार खाने में आता हैं मजा
दुनिया की कुछ परंपराएं बेहद अजीबो-गरीब हैं। खास तौर से आदिवासियों और पिछड़ी जनजातियों की। जब आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ी रस्मों-रिवाजों की बात करते हैं तो यहां कई रोचक बातें निकलकर सामने आती हैं। आज बात करते हैं इथोपिया की ऐसी जनजाति की, जहां महिलाएं पिटने पर करती हैं गर्व का अनुभव।

जानकारी के मुताबिक ये हैमर जनजाति के लोग काफी अलग हैं, इनकी परंपराएं और रीति-रिवाज काफी हैरान करने वाले हैं। इथोपिया की यह हैमर जनजाति तेजी से विलुप्त हो रही है।

हैमर जाति के लोग कैटल जंपिंग सेरेमनी मनाते हैं ये उनका एक खास तरह का समारोह होता है। इस समारोह में 15 गायों को एक साथ खड़ा कर दिया जाता है और एक युवक उसे कूदते हुए पार करता है। यदि कोई लड़का इसमें फेल हो गया तो उसकी शादी नहीं होती साथ ही औरतों का एक समूह उसे जमकर पीटता है। इसके बाद उस लड़के के घर की सभी औरतों को पीटा जाता है।

यह पिटाई तब तक होती है जब तक औरतों के शरीर से खून न निकल आए। महिलाओं को मारने के लिए पुरुषों का एक संगठन होता है जिसे ‘माजा’ कहते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में कोई भी महिला भागती नहीं है। यही नहीं जो महिलाएं मार खाने से बच जाती हैं वह ‘माजा’ समूह से मार खाने की विनती करती हैं।

वैसे यह मार खाने वाली रस्म सिर्फ समारोह तक सीमित नहीं है। इन महिलाओं को तब तक मारा जाता है जब तक उनके दो बच्चे न हो जाएं। हैमर जाति के लोग इसे गलत नहीं मानते हैं। महिलाओं का कहना है कि मार खाने से उनको हिम्मत मिलती है और साथ ही वह मजबूती से आगे आकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकती हैं।