निर्भया केस:दोषी अक्षय का 8 साल का बेटा जिंदा बाप की नहीं देख पाया सूरत, पत्नी कारागार प्रशासन के सामने करती रही विलाप

निर्भया केस:दोषी अक्षय का 8 साल का बेटा जिंदा बाप की नहीं देख पाया सूरत, पत्नी कारागार प्रशासन के सामने करती रही विलाप

नई दिल्ली: देश के बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप केस के चारों गुनाहगारों को शुक्रवार बजे फांसी दे दी गई. दिल्ली की पटियाला हाउस न्यायालय की ओर से जारी डेथ वारंट के अनुसार दोषियों को तड़के 5.50 बजे फांसी के फंदे पर लटकाया गया.

फांसी से पहले तिहाड़ कारागार प्रशासन ने चारों गुनहगारों को नहलाया व फिर खाने के लिए चाय और बिस्कुट दिए. वहीं, फांसी के आखिरी समय तक भी दोषियों में से एक अक्षय का आठ वर्षीय बेटा अपने जिंदा बाप की शक्ल नहीं देख पाया.

वहीं, उसकी पत्नी भी अपने पति से आखिरी मुलाकात के लिए न्यायालय व कारागार प्रशासन के सामने गिड़गिड़ाती रही.

हालांकि इससे पहले न्यायालय व कारागार प्रशासन के कहने के बावजूद भी उन्होंने अक्षय से मिलने से इन्कार कर दिया था.

अपने आठ वर्ष के बच्चे के साथ दिल्ली पहुंची अक्षय की पत्नी ने जज से बोला कि मेरे साथ अन्याय हुआ है इसलिए ''मुझे व मेरे बेटे को भी फांसी लटका दो. अब हम कैसे जी पाएंगे?