दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष से प्लाज्मा दान के नाम पर 'डॉक्टर' ने की ठगी

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष से प्लाज्मा दान के नाम पर 'डॉक्टर' ने की ठगी

कोरोना संकट के बीच एक शातिर युवक ने प्लाज्मा दान करने के नाम पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल से 900 रुपये ठग लिए. इस विषय में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को अरैस्ट कर लिया. विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल अपने किसी जानकार को प्लाज्मा दान कराने में मदद कर रहे थे. 

पुलिस के अनुसार, विधासभा अध्यक्ष द्वारा शनिवार को शिकायत मिलने पर धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. विधानसभा अध्यक्ष गोयल पुनीत के सुर कोरोना संक्रमित हो गए थे. पुनीत ने प्लाज्मा डोनेशन के लिए फेसबुक पर बने पेज पर सम्पर्क साधा तो चिकित्सक राहुल नाम के शख्स ने इसके लिए ख़्वाहिश जताई. राहुल ने बताया कि वह राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में तैनात है. हालांकि, इस बीच प्लाज्मा डोनेशन की व्यवस्था होने की वजह से राहुल से बात नही हो पाई. 

कुछ समय बाद विधानसभा अध्यक्ष के जानकार व सिविल लाइंस निवासी अमित शोरेवाल के पिता संक्रमित हो गए. अमित ने विधानसभा अध्यक्ष प्लाज्मा डोनेशन के लिए अनुरोध किया. इस पर उन्होंने पुनीत के कहने पर शुक्रवार को चिकित्सक राहुल से सम्पर्क साधा. राहुल प्लाज्मा डोनेशन के लिए तैयार हो गया, लेकिन उसने शनिवार को बोला कि प्लाज्मा डोनेशन के लिए 450 रुपये लगेंगे. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने बताए हुए लिंक पर रुपये ट्रांसफर कर दिए व अमित शोरेवाल का मोबाइल नंबर देते हुए कार भेजी. इस बीच चिकित्सक राहुल ने अमित से भी 450 रुपये ले लिए व रामनिवास गोयल से बोला कि रुपये नहीं पहुंचे हैं. मुद्दा खुलने पर उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया. ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस से सम्पर्क साधा. 

गूगल पे लिंक के सहारे अरैस्ट : डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के के लिए एसएचओ प्रदीप पालीवाल के नेतृत्व में एसआई रॉबिन सिंह की टीम गठित की गई. जाँच के दौरान पुलिस ने गूगल पे लिंक व दोनों मोबाइल फोन नंबरों के सहारे आरोपी राहुल उर्फ अब्दुल करीम को पुल प्रहलादपुर इलाके से अरैस्ट कर लिया. 

तीन महीने में सवा तीन सौ लोगों से ठगी : जांच में पता चला कि आरोपी अब्दुल करीम ने अपना नाम बदलकर राहुल रख लिया था. उसके कब्जे से पुलिस ने मोबाइल व दोनों नामों के आधार कार्ड बरामद किए हैं. आरोपी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान वह करीब सवा तीन सौ लोगों से ठगी कर चुका है. रकम छोटी होती है, इसलिए अभी तक किसी ने भी इसकी शिकायत नहीं की थी. 

फेसबुक पर फंसाता था शिकार : आरोपी फेसबुक पर बने कई रक्तदान ग्रुप के पेज का मेम्बर है. इसके जरिये वह शिकार फंसाता है. वह पेशे से कैटरिंग का कार्य करता है, लेकिन फेसबुक पर पेज के जरिये वह खून बेचने के धंधे में शामिल है. वरिष्ठ पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जरूरतमंदों को खून उपलब्ध कराने के लिए वह विद्यार्थियों से सम्पर्क कर उनका खून बिकवाता था. 

पहले भी की है ठगी : आरोपी अब्दुल करीम पर हौजखास थाने में ठगी का केस दर्ज है. 2017 में आरोपी ने अंजान आदमी से रक्तदान कराया व फिर लैपटॉप आर नकदी लूट ली थी.