कमरे में सड़ी हालत में मिला मंदिर के सेवादार का शव, प्राइवेट पार्ट्स पर सरिये से करंट देकर हत्या की आशंका

कमरे में सड़ी हालत में मिला मंदिर के सेवादार का शव, प्राइवेट पार्ट्स पर सरिये से करंट देकर हत्या की आशंका

हरिद्वार जिले के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर गांव में मंदिर के सेवादार की निर्मम हत्या कर दी। सेवादार का शव कई दिन तक कमरे में बंद रहा। बदबू आने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने कुंडी खोलकर शव को बाहर निकाला। आशंका है कि सेवादार के प्राइवेट पार्ट्स पर सरिये से करंट देकर उसकी हत्या की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नसीरपुर गांव में आबादी से थोड़ा दूरी पर एक मंदिर है। मंदिर परिसर में ही कुछ कमरे बने हैं। यहां पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद कोतवाली अंतर्गत मिरगपुर गांव निवासी बाबा कालूदास मुख्य पुजारी हैं। डेढ़ माह पहले वह गांव से चले गए थे। इस दौरान उन्होंने मंदिर की सेवा के लिए गांव से बाबा सुखराम को भेज दिया। करीब सप्ताह भर से सुखराम का भी कोई पता नहीं चल रहा था। ग्रामीणों ने भी इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया।


शुक्रवार शाम को कुछ ग्रामीण मंदिर के समीप बने कमरों के पास खड़े थे। तभी उनको एक कमरे से बदबू आने लगी। उन्होंने देखा कि कमरे को बाहर से बंद कर कुंडी लगा दी गई है। अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर प्रशिक्षु सीओ ओशीन जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव में पहुंची। कमरे का कुंडा खोलकर देखा तो शव सड़ चुका था। इतना ही नहीं बाबा सुखराम के जांघ के पास एक सरिये को तार से जोड़कर दीवार में लगे बिजली के स्विच से जोड़ा गया था।

आशंका इस बात की है कि करंट देकर उनकी हत्या की गई है। पुलिस अधीक्षक देहात प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि मामला हत्या का है। पुलिस जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि मौत कितने दिन पहले हुई है। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

असुरक्षित है आबादी क्षेत्र के बाहर के मंदिर

दस साल के दौरान रुड़की व आसपास के क्षेत्र में आबादी क्षेत्र के बाहर बने मंदिरों में कई साधुओं और सेवादारों की हत्या हो चुकी है। लक्सर रोड पर कई साल पहले मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई थी। इसी तरह से भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में आबादी से दूर स्थित एक मंदिर में सेवादार की हत्या कर दी गई थी।


उत्तराखंड के दस जिलों में कोरोना का नया मामला नहीं, अब 163 मामले हैं सक्र‍िय

उत्तराखंड के दस जिलों में कोरोना का नया मामला नहीं, अब 163 मामले हैं सक्र‍िय

उत्तराखंड में रविवार को कोरोना के छह नए मामले मिले, वहीं नौ मरीज स्वस्थ हुए हैं। दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय में भर्ती कोरोना संक्रमित एक मरीज की मौत हुई है। फिलवक्त राज्य में कोरोना के 163 सक्रिय मामले हैं। उत्तरकाशी, टिहरी व बागेश्वर में कोरोना का कोई सक्रिय मामला नहीं है, जबकि देहरादून में सबसे अधिक 103 सक्रिय मरीज हैं। सात जिलों में कोरोना के सक्रिय मामले दस से कम हैं।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निजी व सरकारी लैब से 9877 सैंपल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, इनमें 9871 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। देहरादून में सबसे अधिक तीन लोग संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा नैनीताल में दो व चंपावत में एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। जबकि अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर व उत्तरकाशी में कोरोना का कोई नया मामला नहीं मिला है। प्रदेश में कोरोना के 343821 मामले आए हैं। जिनमें 330121(96.02 फीसद) स्वस्थ्य हो चुके हैं। कोरोना से अब तक 7399 मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

12 हजार 797 व्यक्तियों का टीकाकरण

रविवार को बहुत कम संख्या में टीकाकरण हुआ है। 332 केंद्रों पर 12 हजार 797 व्यक्तियों का टीकाकरण हुआ है। राज्य में अब तक 74 लाख 52 हजार 679 व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली खुराक लग चुकी है। जबकि 36 लाख 38 हजार 985 का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। 18 से 44 आयु वर्ग के भी 44 लाख 73 हजार 875 व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली और 15 लाख 51 हजार 197 को दोनों खुराक लग चुकी हैं।