भाजपा जिलाध्‍यक्ष के घर गैस लीकेज से धमाके की बात नहीं उतर रही लोगों के गले

भाजपा जिलाध्‍यक्ष के घर गैस लीकेज से धमाके की बात नहीं उतर रही लोगों के गले

भाजपा जिलाध्यक्ष के घर में गैस लीकेज से हुए धमाके की बात को लोग नहीं पचा पा रहे हैं। उनका कहना है कि गैस से लीकेज होता तो आग लगने की घटना भी हो सकती थी। अगर गैस से ही धमाका हुआ तो फिर जिलाध्यक्ष के घर के बाहर पीएसी क्यों तैनात कर दी गई है।

मंगलवार की दिनभर अधिकारियों और कई एजेंसियों की जांच के बाद देर रात 31वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर से डेढ़ सेशन पीएसी जिलाध्यक्ष के घर के बाहर लगा दी गई। उनका परिवार अभी तक पुलिस के पहरे में है। इधर, फॉरेंसिक और पुलिस के अधिकारी दावा करने लगे हैं कि धमाका सिलेंडर से हुए लीकेज से ही हुआ। अगर मान भी लें कि धमाका लिकेज से ही हुआ तो पुलिस के आला अधिकारी खुलकर बताने से क्यों डर रहे हैं। जिलाध्यक्ष के आपपास व उनके रिश्तेदार भी इस बात को नहीं पचा पा रहे हैं कि लीकेज से धमाका हुआ तो पीएसी क्यों तैनात कर दी गई है। लीकेज से धमाका की बात पता चलने के बाद मुकदमा क्यों दर्ज कर दिया।


सीसीटीवी खंगालकर पड़ोसियों ने लिये बयान

जांच के लिए गठित एसआइटी ने बुधवार से अपनी जांच शुरू कर दी। जिलाध्यक्ष के घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। बयानों के आधार पर पहली जांच होगी। डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि धमाका तो गैस लिकेज से हुआ है। लेकिन मामले में केस दर्ज किया गया है। इसलिए इसे अभी ठंडा नहीं होने दिया जाएगा। एसआइटी पूरे प्रकरण की जांच करेगी।


रसोई में गैस अधिक भरने से हुआ धमाका

एफएसएल के डा. संयुक्त निदेशक दयालशरण शर्मा ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष के घर में धमाका एलपीजी गैस के लिकेज से हुआ। रसोई में गैस अधिक भरने से जोरदार धमाका हुआ। जांच में यह बात सामने आई है। इसकी रिपोर्ट पुलिस को जल्द भेजी जाएगी। डीआईजी नीलेश आनंद भरणे का भी कहना है कि धमाका गैस के लिकेज से ही हुआ है। यह बात जांच में साफ हो गई है। नया कोई पहलू निकलकर आया तो उसकी जांच के लिए एसआइटी गठित की गई है। पीएसी घर में हो रही अव्यवस्था के चलते लगाई है।


उत्तराखंड के दस जिलों में कोरोना का नया मामला नहीं, अब 163 मामले हैं सक्र‍िय

उत्तराखंड के दस जिलों में कोरोना का नया मामला नहीं, अब 163 मामले हैं सक्र‍िय

उत्तराखंड में रविवार को कोरोना के छह नए मामले मिले, वहीं नौ मरीज स्वस्थ हुए हैं। दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय में भर्ती कोरोना संक्रमित एक मरीज की मौत हुई है। फिलवक्त राज्य में कोरोना के 163 सक्रिय मामले हैं। उत्तरकाशी, टिहरी व बागेश्वर में कोरोना का कोई सक्रिय मामला नहीं है, जबकि देहरादून में सबसे अधिक 103 सक्रिय मरीज हैं। सात जिलों में कोरोना के सक्रिय मामले दस से कम हैं।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निजी व सरकारी लैब से 9877 सैंपल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, इनमें 9871 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। देहरादून में सबसे अधिक तीन लोग संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा नैनीताल में दो व चंपावत में एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। जबकि अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर व उत्तरकाशी में कोरोना का कोई नया मामला नहीं मिला है। प्रदेश में कोरोना के 343821 मामले आए हैं। जिनमें 330121(96.02 फीसद) स्वस्थ्य हो चुके हैं। कोरोना से अब तक 7399 मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

12 हजार 797 व्यक्तियों का टीकाकरण

रविवार को बहुत कम संख्या में टीकाकरण हुआ है। 332 केंद्रों पर 12 हजार 797 व्यक्तियों का टीकाकरण हुआ है। राज्य में अब तक 74 लाख 52 हजार 679 व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली खुराक लग चुकी है। जबकि 36 लाख 38 हजार 985 का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। 18 से 44 आयु वर्ग के भी 44 लाख 73 हजार 875 व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली और 15 लाख 51 हजार 197 को दोनों खुराक लग चुकी हैं।