इस एक वजह से पत्नी की हत्या कर गायब कर दिया शव, पति ने पुलिस को किया गुमराह

इस एक वजह से पत्नी की हत्या कर गायब कर दिया शव, पति ने पुलिस को किया गुमराह

सहजनवां इलाके के भक्सा गांव में दहेज के लिए विवाहिता अनुराधा (31) की हत्या कर शव को जलाने के आरोप में पुलिस ने मृतका के पति चंद्रजीत यादव, ससुर राजकुमार, सास कलावती, देवर बुटेल और जेठानी पर केस दर्ज कर तीन आरोपितों को हिरासत में लिया है। अनुराधा के भाई विकास कुमार यादव की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। दूसरी ओर पति चंद्रजीत का कहना है कि रविवार को ही अनुराधा ने खुदकुशी कर ली थी। थाने में दर्ज केस के मुताबिक, चिलुआताल के वौरडीह निवासी विकास कुमार यादव ने अपनी बहन अनुराधा की शादी मई 2010 में चंद्रजीत यादव के साथ की थी।

आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए अनुराधा को परेशान किया जा रहा था। 2015 में 50 हजार रुपये नकद देकर समझौता हुआ था और फिर प्रताड़ित किया जाने लगा। अभी बीस दिन पहले भी अनुराधा को पीटा गया था। तब पुलिस गई थी और समझा कर लौट आई थी। उसके बाद भाई ने फिर 50 हजार रुपये दिए थे, लेकिन प्रताड़ना बंद नहीं हुआ।

बच्चे बोले, मम्मी-पापा में अक्सर होता था झगड़ा

भाई के मुताबिक, रविवार की रात भक्सा गांव से ही एक शख्स ने फोन करके बताया कि तुम्हारी बहन की हत्या कर दी गई है। उसी रात भाई ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो अनुराधा नहीं मिली और घरवालों ने स्पष्ट कोई जानकारी भी नहीं दी।

सोमवार की सुबह विनय थाने में पहुंचकर थानेदार दिनेश मिश्रा से पूरी बात बताई। थानेदार गांव में पहुंचे। सूचना पर सीओ कैंपियरगंज दिनेश कुमार सिंह भी पहुंच गए। अनुराधा नहीं मिली। पति से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि रविवार को ही अनुराधा ने दुपट्टा का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली, जिसके बाद उसी रात शव की अंत्येष्टि कर दी गई। ...

अनुराधा के दो बच्चे हैं। सात साल की बेटी और पांच साल का बेटा है। दोनों बच्चों ने पुलिस को बताया कि मम्मी-पापा में आए दिन झगड़ा होता था। कुछ दिन पहले भी झगड़ा हुआ था और घरवालों ने मम्मी को पीटा था। हालांकि घटना के बारे में बच्चे इससे ज्यादा कुछ नहीं बता पाए।

काश समझाने की जगह पुलिस की होती कार्रवाई

अनुराधा की मौत के बाद से सदमे में उसका भाई बेहोश हो जा रहा था। उसे मलाल तो सिर्फ इस बात का है कि 20 दिन पहले जब पुलिस को मारपीट की सूचना दी गई थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पुलिस समझा बुझाकर मामले को शांत करने की जगह आरोपितों पर कार्रवाई की होती तो शायद उसकी बहन ना होती। आज वह जिंदा होती।

हत्या में नहीं थे शामिल तो फिर गुपचुप तरीके से अंत्येष्टि क्यों
गांव वाले हो या मायके वाले सभी यही सवाल उठा रहे है कि यदि अनुराधा ने खुदकुशी की थी और परिवार के लोगों का उसमें हाथ नहीं था तो फिर उसकी मौत की जानकारी किसी को क्यों नहीं दी गई। क्यों रातो रात ही अंत्येष्टि कर दी गई और उसके मायके वालों तक को कानो कान खबर नहीं लगा। इससे साफ है कि हत्या के बाद ही उसे जलाया गया है। पुलिस भी इसे मान रही है।

पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। तहरीर के आधार पर हत्या और साक्ष्य छिपाने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पति का बयान है कि उसने खुदकुशी की और शव को जलाया गया। पुलिस छानबीन में जुटी है, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।