स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा-मंत्र में एटम बम को भी परास्त करने की क्षमता, हो सकते हैं कई बड़े कार्य

स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा-मंत्र में एटम बम को भी परास्त करने की क्षमता, हो सकते हैं कई बड़े कार्य

शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज का प्रवास दूसरे दिन गुरुवार को भी राजन एंक्लेव स्थित विनय लोहिया के आवास पर हुआ। यहां उन्होंने लोगों के धर्म और आस्था से संबंधित जिज्ञासा भरे प्रश्नों का तार्किक उत्तर दिया। उन्‍होंने रोचक उदाहरण देकर भक्‍तों को पूरी तरह से संतुष्‍ट क‍िया।

उन्होंने कहा क‍ि मंत्र एटम बम को भी परास्‍त करने की क्षमता रखता है। मन की एकाग्रता को बनाकर मंत्र से बड़े-बड़े काम सिद्ध किए जा सकते हैं। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर नहीं खाए यह वाल्मीकि की रामायण में कहीं नहीं लिखा है। युवा पीढ़ी के धर्म से भटकने के प्रश्न पर वह बोले कि जैसे संस्कार होंगे युवा पीढ़ी वैसे ही सोचेगी। धर्मसभा में करीब 20 लोगों ने प्रश्न किए। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि धर्म में राजनीति ठीक नहीं है। अंतिम काल का आभास कैसे हो। इस प्रश्न पर बोले कि व्यक्ति को स्वस्थ रहने की जरूरत है। गृहस्थ जीवन के बारे में चर्चा करते हुए दूसरे दिन भी इसे श्रेष्ठ बताया। इस मौके पर कुलाधिपति टीएमयू सुरेश जैन, विशेष गुप्ता, डॉ राकेश कुमार, विपिन गुप्ता, केदार मुरारी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। तीन दिन के मुरादाबाद प्रवास में वह अपने कई भक्तों के घर जाएंगे। 

लोगों ने द‍िखाई उत्‍सुकता : कार्यक्रम के दूसरे द‍िन भी लोगों की भीड़ उमड़ी। लोग धर्म और आस्‍था से जुड़े अपने सवालों के जवाब के ल‍िए काफी उत्‍सुक द‍िखे। स्‍वामी जी ने इनका सटीक उत्‍तर देकर भक्‍तों को संतुष्‍ट कर द‍िया। कार्यक्रम में धर्म के प्रत‍ि युवा पीढ़ी के भटकाव को लेकर कई सवाल आए। बच्‍चों को संस्‍कारवान बनाने पर जोर द‍िया गया। बताया गया क‍ि बच्‍चों को धर्म से जोड़ने के ल‍िए उन्‍हें शुरू से ही संस्‍कारवान बनाया जाए। धर्म ही उन्‍हें सही रास्‍ता द‍िखा सकता है।


Uttar Pradesh: यूपी में ढ़ाई महीने बाद एक ही दिन में आए कोरोना के 28 मामले

Uttar Pradesh: यूपी में ढ़ाई महीने बाद एक ही दिन में आए कोरोना के 28 मामले

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर कोरोना संक्रमण (Corona infection) सिर उठा रहा है. राज्य में ढाई महीने बाद कोरोना के एक दिन में 27 नए मरीज मिले हैं. इससे पहले 24 सितंबर को 28 मरीज मिले थे. जानकारी के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा नौ मरीज मिले हैं. जबकि वाराणसी में तीन, लखनऊ, मथुरा और बरेली में दो-दो और गाजीपुर, गोंडा, कानपुर और संत कबीरनगर में एक-एक मरीज मिले हैं. जिसके बाद राज्य सरकार चौकन्नी हो गई है.

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लोगों द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन नहीं करने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है. राज्य में नए मामले सामने आने के बाद सक्रिय मामले फिर से बढ़कर 116 हो गई. शुक्रवार को 93 सक्रिय मामले थे. वहीं राज्य में पिछले 24 घंटे में 1.51 लाख कोरोना टेस्ट किए गए. राज्य में ढाई महीने पहले जब 28 मरीज मिले थे तो उस दिन 2.20 लाख नमूनों की जांच की गई थी. वहीं राज्य में अब तक कुल 8.81 करोड़ कोरोना टेस्ट हो चुके हैं. राज्य के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन को देखते हुए लोगों से बेहद सावधानी बरतने की अपील की है और कहा कि लोग मास्क पहने और दो गज की दूरी को बनाकर रखें. वर्तमान में सबसे अधिक 22 मरीजों की संख्या गौतमबुद्ध नगर में है.

अगले साल जनवरी में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर

फिलहाल देश में ओमीक्रॉन ने दस्तक दे दी है और कर्नाटक, गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी एक मामला मिला है. वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले साल की शुरुआत में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आ सकती है. क्योंकि ओमीक्रॉन वैरिएंट कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में काफी तेजी से फैल रहा है. अब तक के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद पद्मश्री पुरस्कार विजेता प्रो मनिंद्र अग्रवाल ने माना है कि जनवरी के बाद देश में तीसरी लहर आ सकती है.

भारतीयों में विकसित हो चुकी हैं नेचुरल इम्युनिटी

प्रो. मनिंद्र अग्रवाल का मानना है कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमीक्रॉन वैक्सीन वाली इम्युनिटी को बाईपास करने में सक्षम है. हालांकि उनका कहना है कि प्राकृतिक इम्युनिटी वाले व्यक्ति को ये वायरस बाईपास नहीं कर पाया है. क्योंकि भारत के लोगों में नेचुरल इम्युनिटी विकसित हो चुकी है. लिहाजा इस वायरस का ज्यादा असर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत में 80 फीसद लोगों में नेचुरल इम्युनिटी है. अग्रवाल ने कहा कि अगर यह माना जाए कि ओमीक्रॉन भारत में पहले ही फैलने लगा है तो अगले साल के शुरुआती महीनों में तीसरी लहर चरम पर होगी.