गोरखपुर प्रशासन के रडार पर जिले के एक लाख पेंशनर

गोरखपुर प्रशासन के रडार पर जिले के एक लाख पेंशनर

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन समेत कई महकमे के अफसर कोरोना का प्रभाव कम करने के लिए संयुक्त प्लानिंग करने में जुट गए हैं। बुधवार को गोरखपुर से लखनऊ रवाना होने के पहले मुख्यमंत्री ने डीएम के साथ ही जीडीए उपाध्यक्ष, सीईओ गीडा और नगरआयुक्त को संयुक्त तौर पर विशेष योजना बनाकर ऐसे प्रयास करने के निर्देश दिए थे जिससे इस महामारी का प्रभाव कम किया जा सके। इसी क्रम में अब प्रशासन का पूरा जोर डोर-टू-डोर सर्वे कर वृद्धों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों का जल्द से जल्द कोरोना जांच कराने पर है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि जिले में कोषागार से पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारियों समेत वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पेंशन पाने वाले करीब एक लाख लोगों की सूची जुटाई जा रही है। सर्वे कर इन सभी का प्राथमिकता के आधार पर कोरोना जांच कराई जाएगी। डोर-टू-डोर सर्वे को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों, शिक्षा मित्रों के साथ ही बीएलओ को भी लगाया जा रहा है। इन्हें, दूसरे कर्मचारियों की तुलना में अपने क्षेत्र के लोगों के बारे में ज्यादा जानकारी रहती है।

अब रोजाना 2500 जांच कराए जाएंगे

डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच की संख्या बढ़ा दी गई है। रोजाना दो हजार से ढाई हजार लोगों की जांच कराई जाएगी। इसे लेकर सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दे दिया गया है। एमओवाईसी को मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।

जियो मीट एप के जरिए रोजाना शाम को जांच के साथ ही उसकी रिपोर्ट, सील किए जाने वाले इलाके, होम आइसोलेट मरीजों की हालत, उनके इलाज के इंतजाम और उनके घर पहुंचने वाली टीमों की रिपोर्ट आदि पर विस्तृत समीक्षा की जा रही है।

बेड बढ़ाने में भी जुटा प्रशासन
डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार एल-2, एल-3 बेडों की संख्या बढ़ाने में भी प्रशासन जुट गया है। मेडिकल कॉलेज में स्थित बाल रोग संस्थान में 300 बेड का कोविड अस्पताल खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके अलावा कई प्राइवेट अस्पतालों के प्रबंधन से प्रशासन संपर्क में है। कुछ तैयार भी हैं। उन्होंने कहा कि बेड या संसाधन के अभाव में किसी को इलाज में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।