लखनऊ : सगे भाई को कुल्हाड़ी से काट कर हत्या के बाद , खून से सने कपड़ो के साथ मंदिर पर बैठ कर भाई की मर्डर कर देने का करता रहा एलान

लखनऊ : सगे भाई को कुल्हाड़ी से काट कर हत्या के बाद , खून से सने कपड़ो के साथ मंदिर पर बैठ कर भाई की मर्डर कर देने का करता रहा एलान

लखनऊ के मोहनलालगंज के डेहवा में सगे बड़े भाई ने छोटी अनबन के चलते 65 वर्षीय भाई की कुल्हाड़ी से काटकर मर्डर कर दी. आरोपी बीते तीन दिनों से मर्डर किये जाने की ऐलानिया धमकी दे रहा था. जिसका विरोध करने पर आरोपी ने पत्नी की पिटाई करने के बाद घर से भगा दिया था. मर्डर के बाद आरोपी एक घंटे तक बीच गांव में खून से सने कपड़ो के साथ मंदिर पर बैठ कर भाई की मर्डर कर देने का एलान करता रहा.

साथ ही ग्रामीणों से पुलिस को मौके पर बुलाने की बात करता रहा. पिता की मर्डर किए जाने की बात सुनकर बेटा भाग कर खेत पंहुचा. जहां पिता का मृत शरीर खून से लथपथ पड़ा था. सूचना पाकर मौके पर पंहुची पुलिस ने अरोपी को हिरासत में लेने के साथ मृत शरीर को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया. अरोपी का बेटा भी बलात्कार कर किशोरी की मर्डर कर चुका है.

मोहनलालगंज के डेहवा में रहने वाले भभूति प्रसाद और राम शंकर मौर्या सगे भाई है. आठ वर्ष पहले राम शंकर का बेटा पुतई मौर्या 12 वर्ष की किशोरी की बलात्कार कर मर्डर के मुद्दे में कारागार चला गया था. उसके इस घिनौने कृत के चलते भभूति और उसके परिवार ने उसके परिवार से किनारा कर लिया था. जिसको लेकर राम शंकर नाराज चल रहा था. एक हफ्ते पहले अपनी पोती रचना की विवाह करने के बाद से राम शंकर अपने घर वालो से नफरत करने वालो की मर्डर कर देने की बात सारे गांव में कह रहा था.

तीन दिन पहले उसने सबसे पहले भाई भभूति की मर्डर की बात कही । जिस पर उसकी पत्नी दुल्ला देवी ने विरोध किया. जिसपर आरोपी ने अपनी पत्नी को कमरे में बंद कर जमकर पिटाई कर के घर से भगा दिया. जिसके बाद पत्नी अपनी पोती के घर चली गई. उसी के बाद से आरोपी मर्डर करने की ऐलानिया धमकी सारे गांव में दे रहा था.

खेत में सो रहे भाई को कुल्हाड़ी से काट डाला
दोनो भाई सब्जी की खेती करते है. दोनो के खेत अगल-बगल है. दोनो इर्द-गिर्द ही खेत में मचान बनाकर रात्रि को खेतों की रखवाली करते है. शनिवार को भी दोनो सोने गए थे जहां किसी बात पर टकराव के बाद राम शंकर ने भाई पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. लगभग एक दर्जन बार कुल्हाड़ी से मारा जिससे भभूति की खेत में ही मृत्यु हो गई.

हत्या के बाद आरोपी ने खुद ग्रामीणों को बताया मर्डर कर दी
मर्डर करने के बाद आरोपी खून से सने कपड़े पहने लगभग एक किलोमीटर तक पैदल चलकर बीच गांव में बने शिव मंदिर पर आकर बैठ गया. व लोगो से भाई की मर्डर कर देने की बात कहता रहा. पहले लोगो को विस्वास नही हुआ. लेकिन उसके कपड़ो और शरीर पर खून लगा देख ग्रामीण और मृतक के परिजन खेतों की तरफ भागे. मृतक का बेटा संतराम पिता का मृत शरीर देख खेत में ही बेशुद्ध होकर गिर पड़ा. दूसरी तरफ अरोपी हर ग्रामीण से हाथ जोड़कर पुलिस को मौके पर बुलाने की बात कह रहा था.

आरोपी का बेटा भी मर्डर में जा चुका है जेल
आरोपी राम शंकर का बेटा पुतई 5 सितंबर 2012 को 12 वर्ष की किशोरी की अपने साथी के साथ बलात्कार कर मर्डर करने के मुद्दे में कारागार गया था. सेशन न्यायालय से पुतई को फांसी और साथी को आजीवन कारावास की सजा के बाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने भी 13 अक्टूबर 2018 को फांसी की सजा पर मोहर लगा चुका है. मुद्दा इस समय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. पुतई ने जिस स्थान मर्डर की थी उसी के पास उसके पिता ने भी मर्डर की.

कोतवाली पंहुच कर अरोपी कहा अब हुआ सुरक्षित
मर्डर करने के बाद से आरोपी लगातार पुलिस को मौके पर बुलाने की बात कहता रहा. पुलिस जब उसे हिरासत में लेकर कोतवाली पंहुची. तो जीप से उतरते ही उसने बोला अब वह सुरक्षित है. उसने बोला कि अगर पुलिस न पंहुच जाती तो गांव वाले उसे पीट कर मार डालते.

तालाब के चलते नही बचा सके लोग
लोगों ने बताया कि रविवार की भोर जब आरोपी अपने भाई की मर्डर कर रहा था उस समय उसका भाई बचाने के लिये चिल्ला रहा था. नवल खेड़ा के कुछ लोग पास में ही उपस्थित थे. लेकिन घटना स्थल और उनके बीच तालाब था. जिसके चलते उसे नही बचा सके.

नेक दिल था मृतक
जैसे ही लोगों को पता चला भभूति की मर्डर कर दी गई. गॉव की महिला पुरुष और बच्चें घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े. हर किसी की जुबान पर मृतक की तारीफ निकल रही थी. लोगो ने बताया कि इतना मजदूर था कि वह खेत की जुताई बुवाई फावड़े से ही अकेले करता था. लोगों ने बताया कि वह सबसे सीधा था.मृतक की पत्नी किशाना और बेटा संतराम घर के बाहर रखे शिव लिंग को पकड़ कर बिलख बिलख के रो रहे थे. 

पुलिस को बरगलाता रहा आरोपी
सूचना पाकर प्रभारी इंस्पेक्टर रफी आलम और एसीपी संजीव कुमार सिन्हा घटना स्थल पंहुचे. एसीपी में अरोपी से पूछताछ की. लेकिन वह पुलिस को बरगलाने लगा. कभी कहता कोई भाई अपने भाई की मर्डर कर सकता है. कभी और गांव के अन्य दो लोगो पर मर्डर किए जाने का आरोप लगाने लगता.

मोहनलालगंज में पहले अपने बहा चूकें है अपनो का खून
1. 20 फरवरी 2012 को जीजा ने साली की हत्याकर मृत शरीर स्वीमिंग पुल में फेंका.
2. 25 अप्रैल 2015 को फत्तेखेड़ा में बेटे ने पिता की गोली मार कर की हत्या.
3. 10मई 2019 दीवानगंज में बेटे ने पिता की धारदार हथियार से काट कर की हत्या.
4. 26 जून 2019 को कोराना में बेटे ने डंडे से पीटकर पिता की मर्डर की.