UP में स्कूली वाहनों और टैक्सियों में लगेंगे पैनिक बटन, सिग्नल मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंचेगी

UP में स्कूली वाहनों और टैक्सियों में लगेंगे पैनिक बटन, सिग्नल मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंचेगी

बच्चों और आमजनों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग स्कूली वाहनों के साथ-साथ टैक्सियों में पैनिक बटन और वीटीएस यानी व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे गाड़ियों का सफर और सुरक्षित हो जाएगा। डायल-112 से इसे जोड़ा जाएगा। इसे लेकर परिवहन मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाए जाने का काम शुरू हो गया है। इसी वित्तीय वर्ष में काम पूरा किया जाएगा।

कंट्रोल रूम में डायल-112 की तरह लगेगी वीडियो वालः वाहनों की ट्रैकिंग के लिए पुलिस के डायल-112 की तरह एक बड़ी स्क्रीन वीडियो वाल बनाई जाएगी। इसे तकनीकी से सीधे जोड़ा जाएगा। सुरक्षा बटन के बजते ही कंट्रोल रूम की टीम सक्रिय हो जाएगी। दर्ज सूचना पर डायल -112 रेस्पांस करेगी। वाहन में लगी डिवाइस स्क्रीन पर नजर आने लगेगी। वाहन कहां पर है और इसकी मानीटरिंग शुरू हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक विभाग टैक्सियों और स्कूली बसों में इस तकनीकी का इस्तेमाल कर सफर को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसकी मॉनीटरिंग सीधे मुख्यालय से होगी। निर्भया मद से इस प्रणाली को आगे बढ़ाया जा रहा है।

परिवहन आयुक्त धीरज साहू के निर्देश पर काम तेजी से शुरू हो गया है। जल्द ही मुख्यालय में कंट्रोल बन जाएगा। स्कूली बसों, वैन और यात्री वाहनों में वीडियाे वाल के अलावा करीब आधा दर्जन कंप्यूटर लगाए जाएंगे। स्कूली बच्चों और यात्रियों का सफर सुरक्षित रखने की तैयारी की जा रही हैं। काम शुरू हो चुका है। परिवहन विभाग की मंशा है कि सफर सुरक्षित रहे चाहे वह यात्री हों या फिर स्कूली बच्चे एवं अन्य लोग। इसी को लेकर टैक्सियों और स्कूली वाहनों में आमजन की सुरक्षा पुख्ता करने की दिशा में काम आगे बढ़ गया है।


Uttar Pradesh: यूपी में ढ़ाई महीने बाद एक ही दिन में आए कोरोना के 28 मामले

Uttar Pradesh: यूपी में ढ़ाई महीने बाद एक ही दिन में आए कोरोना के 28 मामले

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर कोरोना संक्रमण (Corona infection) सिर उठा रहा है. राज्य में ढाई महीने बाद कोरोना के एक दिन में 27 नए मरीज मिले हैं. इससे पहले 24 सितंबर को 28 मरीज मिले थे. जानकारी के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा नौ मरीज मिले हैं. जबकि वाराणसी में तीन, लखनऊ, मथुरा और बरेली में दो-दो और गाजीपुर, गोंडा, कानपुर और संत कबीरनगर में एक-एक मरीज मिले हैं. जिसके बाद राज्य सरकार चौकन्नी हो गई है.

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लोगों द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन नहीं करने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है. राज्य में नए मामले सामने आने के बाद सक्रिय मामले फिर से बढ़कर 116 हो गई. शुक्रवार को 93 सक्रिय मामले थे. वहीं राज्य में पिछले 24 घंटे में 1.51 लाख कोरोना टेस्ट किए गए. राज्य में ढाई महीने पहले जब 28 मरीज मिले थे तो उस दिन 2.20 लाख नमूनों की जांच की गई थी. वहीं राज्य में अब तक कुल 8.81 करोड़ कोरोना टेस्ट हो चुके हैं. राज्य के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन को देखते हुए लोगों से बेहद सावधानी बरतने की अपील की है और कहा कि लोग मास्क पहने और दो गज की दूरी को बनाकर रखें. वर्तमान में सबसे अधिक 22 मरीजों की संख्या गौतमबुद्ध नगर में है.

अगले साल जनवरी में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर

फिलहाल देश में ओमीक्रॉन ने दस्तक दे दी है और कर्नाटक, गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी एक मामला मिला है. वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले साल की शुरुआत में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आ सकती है. क्योंकि ओमीक्रॉन वैरिएंट कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में काफी तेजी से फैल रहा है. अब तक के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद पद्मश्री पुरस्कार विजेता प्रो मनिंद्र अग्रवाल ने माना है कि जनवरी के बाद देश में तीसरी लहर आ सकती है.

भारतीयों में विकसित हो चुकी हैं नेचुरल इम्युनिटी

प्रो. मनिंद्र अग्रवाल का मानना है कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमीक्रॉन वैक्सीन वाली इम्युनिटी को बाईपास करने में सक्षम है. हालांकि उनका कहना है कि प्राकृतिक इम्युनिटी वाले व्यक्ति को ये वायरस बाईपास नहीं कर पाया है. क्योंकि भारत के लोगों में नेचुरल इम्युनिटी विकसित हो चुकी है. लिहाजा इस वायरस का ज्यादा असर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत में 80 फीसद लोगों में नेचुरल इम्युनिटी है. अग्रवाल ने कहा कि अगर यह माना जाए कि ओमीक्रॉन भारत में पहले ही फैलने लगा है तो अगले साल के शुरुआती महीनों में तीसरी लहर चरम पर होगी.