लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में पहली बार कोरोना संक्रमित गर्भवती की सफलतापूर्वक करायी गई नार्मल डिलीवरी

लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में पहली बार कोरोना संक्रमित गर्भवती की सफलतापूर्वक करायी गई नार्मल डिलीवरी

लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में पहली बार कोरोना संक्रमित गर्भवती की सफलतापूर्वक नार्मल डिलीवरी कराई गई. बुधवार देर रात डॉक्टरों की टीम ने कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए प्रसव कराया. जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.

डॉक्टरों की टीम दोनों की स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है. प्रसव के पहले गर्भवती का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था व पैरों में बहुत ज्यादा सूजन भी थी. वहीं नवजात का नमूना लेकर जाँच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है.
अयोध्या निवासी गर्भवती निशातगंज में अपने सम्बन्धी के यहां आई थी. लॉकडाउन में घर नहीं जा सकी. प्रसव पीड़ा होने पर उसे महानगर के फातिमा अस्पताल में मंगलवार को भर्ती कराया गया था, जहां कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद उसे बुधवार को लोकबंधु अस्पताल रेफर कर दिया. अस्पताल निदेशक डाक्टर डीएस नेगी ने बताया कि गर्भवती का बीपी बढ़ा होने के साथ पैरों में बहुत ज्यादा सूजन थी. डाक्टर सुरभि रानी ने दवाएं दीं व देर रात 12 बजे तक बीपी नार्मल होने पर नार्मल डिलीवरी कराई गई.

सीजेरियन में हो सकती थी दिक्कत

कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव करवाने वाली डाक्टर सुरभि ने बताया कि ऑपरेशन में बहुत ज्यादा जटिलता थी. महिला का ब्लड ग्रुप भी नकारात्मक है. ऐसे में ऑपरेशन करने में रिस्क था.

ब्लड बैंक में सरलता से नकारात्मक ग्रुप का खून न मिल पाता. तीमारदार भी खून डोनेट न कर पाते. ऐसे में सामान्य प्रसव करवाने का निर्णय लिया गया. जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. 

शिशु को कोरोना का खतरा नहीं
डाक्टर सुरभि ने बताया कि कोरोना संक्रमित मां का प्रसव करवाना चुनौती थी क्योंकि मां की वजह से बच्चा संक्रमित न हो जाए. इसके लिए विशेष सावधानियां बरती जा रही थीं.

वहीं चिकित्सक का बोलना है कि अगर कोई संक्रमित मां सावधानी के साथ ब्रेस्ट फीडिंग करा रही है तो बच्चे में संक्रमण का खतरा नहीं होता है. संक्रमित महिला से गर्भ में पल रहे शिशु में भी संक्रमण नहीं होता है.